प्रत्येक शॉट को बेहतरीन तरीके से अंजाम दिया
पार्थ माने की उत्कृष्ट निशानेबाजी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 252.6 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जो पेरिस 2024 ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले स्कोर से 0.4 अंक अधिक था। जहां पार्थ माने ने पूरे फाइनल में निरंतर बढ़त बनाए रखी, वहीं रुद्रांक्ष पाटिल ने दबाव के क्षणों में अपने साहसिक प्रदर्शन से सबका ध्यान आकर्षित किया।
विश्व चैंपियनशिप 2022 में भारत के लिए ओलंपिक कोटा जीतने वाले रुद्रांक्ष पाटिल ने स्वीकार किया कि चौथे स्थान पर रहने का विचार उनके मन में आया था, लेकिन उन्होंने अपने ध्यान को केंद्रित रखते हुए प्रत्येक शॉट को बेहतरीन तरीके से अंजाम दिया।
पंजाब के अर्जुन बबूता, जो 16 शॉट्स के बाद बढ़त की दौड़ में थे, कुछ 10.4 स्कोर के कारण चौथे स्थान पर रहे। वहीं, चौथे स्थान पर चल रहे किरन जाधव ने 20वें शॉट में दबाव में 10.8 अंक हासिल कर पेरिस 2024 ओलंपियन को पछाड़ते हुए कांस्य पदक जीता।
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दिल्ली के पार्थ माखीजा ने क्वालिफिकेशन में चौथा स्थान हासिल करने के बाद फाइनल में पांचवां स्थान प्राप्त किया। 2024 ओलंपिक में भाग लेने वाले सर्विसेज के संदीप सिंह छठे स्थान पर रहे, जबकि उनके टीम साथी संदीप सातवें स्थान पर रहे। 2018 के विश्व जूनियर चैंपियन असम के ह्रदय हजारिका शुरुआती दौर में संदीप की 9.8 स्कोरिंग के बाद मिले मौके का फायदा नहीं उठा सके।