राजधानी देहरादून में साढ़े तीन सौ करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में अदालत ने अमेरिका में डॉक्टर सहित तीन लोगों के खिलाफ जांच कर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। बसंत विहार थाना पुलिस को आदेश दिए गए हैं। प्रकरण सेलाकुई में दवा फैक्ट्री के अधिग्रहण से जुड़ा है।
बसंत विहार निवासी इंद्रपाल सिंह चावला की सेलाकुई में दवा फैक्ट्री है, लेकिन फैक्ट्री ठीक न चलने पर उन्होंने मुंबई निवासी जो वर्तमान में अमेरिका में डॉक्टर हैं एवं उनकी पार्टनर लोकेट निकोल स्मिथ जो अमेरिकन है और वर्तमान में नेहरू कालोनी में रह रही हैं के साथ फैक्ट्री के अधिग्रहण को लेकर 15 जून वर्ष 2012 को अनुबंध किया था।
एक करोड़ 48 लाख रुपए देने थे
अनुबंध के मुताबिक आरोपियों को एक करोड़ 48 लाख रुपए देने थे। इसके अलावा इस तिथि से पूर्व की फैक्ट्री की जो भी देनदारी थी लोन, लेबर खर्च एवं अन्य आरोपियों को देनी थी। आरोप है कि 12 जून वर्ष 2012 को दोनों ने फैक्ट्री टेक ओवर कर ली। फैक्ट्री के अधिग्रहण के दौरान एक करोड़ दस लाख का रॉ मैटेरियल भी था। जिसे आरोपियों ने इस्तेमाल कर लिया।
रमेश मोहन को भी आरोपी बनाया गया
इस बीच जो दवा बनाई वे भी बेच दी और फैक्ट्री पर दो करोड़ 14 लाख 74 हजार की देनदारी दिखा दी। प्रकरण में मुंबई निवासी रमेश मोहन को भी आरोपी बनाया गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि मामले में 15 जून वर्ष 2013 को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वितीय रिंकी साहनी की अदालत में वाद प्रस्तुत किया। अदालत ने प्रकरण में पुलिस को आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षडयंत्र, कूच रचना सहित विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज करने के आदेश दिए हैं।