हरिद्वार।
हरिद्वार में लाइलाज समझी जा रही जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए आईआईटी रुड़की के सहयोग से नई रिंग रोड बनाने की तैयारी कर ली गई है। करीब दो हजार करोड़ की इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की है। सब कुछ ठीक रहा तो इस साल के अंत तक यह योजना शुरू हो जाएगी।
हर यात्रा सीजन में हरिद्वार का जाम पूरे प्रदेश की यातायात व्यवस्था को पटरी से उतार देता है। अब इसका समाधान ढूंढ लिया गया है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि हरिद्वार के चारों ओर एक रिंग रोड बनाने की तैयारी है। जिसके लिए प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है। उन्होंने पूरे प्रस्ताव पर दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर इस पर गंभीर चर्चा भी की है। शहरी विकास मंत्री ने बताया कि इस कार्ययोजना को सिरे चढ़ाने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं।
बहादराबाद से मोतीचूर को जोड़ेगी नई रिंग रोड
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता यूएस रावत ने बताया कि नई रिंग रोड बहादराबाद से ज्वालापुर और ज्वालापुर से जगजीतपुर होते हुए चंडीघाट को जोड़कर यहां से पुलों के जरिये मोतीचूर तक जाएगी। इसके बाद वहां से दो सुरंगों और संपर्क पुलों के जरिये वापस हरिद्वार शहर को जोड़ते हुए भेल के रास्ते बहादराबाद को जोड़ेगी।
हर तरफ का ट्रैफिक होगा डायवर्ट
इस अति महत्वपूर्ण योजना के सिरे चढ़ने से हरिद्वार को जाम के झाम से निजात मिल जाएगी। जो ट्रैफिक बहादराबाद से देहरादून जाना होगा वह सीधे चंडीघाट पहुंचकर वहां से मोतीचूर होते हुए चला जाएगा। दिल्ली जाने वाला यातायात ज्वालापुर से चंडीघाट तक पहुंचने के बाद वाया लक्सर या बिजनौर के रास्ते से गंतव्य की तरफ चला जाएगा। स्थानीय लोगों को बाहर के यातायात का दबाव नहीं झेलना पड़ेगा।
मेला के समय नर्क हो जाती है जिंदगी
मेलों की नगरी में जब जब कोई मेला होता है तब स्थानीय लोगों की जिंदगी नर्क जैसी हो जाती है। न वे घर से निकल पाते है। यदि निकलते भी है तो वे घंटों तक जाम में फंसे रहते है। सबसे अधिक बुरा हाल उत्तरी हरिद्वार, हरकी पैड़ी क्षेत्र का है, जहां आमजन को बेहद दिक्कत झेलनी पड़ती है।