सीरीज : आ अब लोट चलें
-अल्मोड़ा जिले में सबसे अधिक लोगों ने किया पलायन
-92 विकासखंडों से 307310 लोग अस्थायी रूप से दूसरे क्षेत्रों में बसे
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश में बीते पांच सालों के भीतर 77 विकासखंडों से 28531 लोगों ने गांव छोड़कर स्थायी रूप से पलायन किया है। अल्मोड़ा जिले में ऐसे लोगों की संख्या सबसे अधिक है। जबकि 307310 लोग अस्थायी रूप से रोजगार, शिक्षा व अन्य सुविधाओं के लिए दूसरे क्षेत्रों में जाकर बसे हैं।
पलायन निवारण आयोग की रिवर्स पलायन सर्वे रिपोर्ट में प्रदेश में वर्ष 2011 से 2018 और 2018 से 2022 के बीच हुए स्थायी व अस्थायी पलायन का विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार 2018 से 2022 में 307310 लोगों ने अस्थायी व 28531 लोगों ने स्थायी रूप से पलायन किया। जबकि 2011 से 2018 में 383726 लोगों ने अस्थायी व 118981 ने स्थायी रूप से पलायन किया। आयोग के आंकड़ों से स्पष्ट है कि अस्थायी पलायन करने वालों में कमी आई है। लेकिन स्थायी पलायन करने वालों की संख्या बढ़ी है।
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28.72 प्रतिशत लोगों ने राज्य से बाहर किया पलायन
आयोग की रिपोर्ट में ग्राम पंचायत से पलायन करने की स्थिति का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि 28.72 प्रतिशत लोगों ने राज्य से बाहर पलायन किया। जबकि 19.46 प्रतिशत ने गांव के समीपवर्ती कस्बे, 15.18 प्रतिशत ने जिला मुख्यालय, 35.68 प्रतिशत ने राज्य के अंदर ही एक जिले से दूसरे जिले में पलायन किया। जबकि 0.96 प्रतिशत विदेशों में गए।
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कोट
प्रदेश सरकार की ओर से रिवर्स पलायन के लिए प्रवासियों को प्रोत्साहित करने से अब लोग अपने गांव लौट रहे हैं। रिवर्स पलायन में अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रवासियों ने अपने गांव में व्यवसाय शुरू किया। इससे दूसरे लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। -डॉ. एसएस नेगी, उपाध्यक्ष पलायन आयोग
2018 से 2022 तक स्थायी पलायन की स्थिति
जिला स्थायी पलायन करने वालों की संख्या
अल्मोड़ा 5926
टिहरी 5653
पौड़ी 5474
नैनीताल 2014
पिथौरागढ़ 1713
चंपावत 1588
बागेश्वर 1403
चमोली 1722
हरिद्वार 1029
उत्तरकाशी 900
देहरादून 312
रुद्रप्रयाग 715
ऊधमसिंह नगर 82