ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों में तैनात अभियंताओं को नौ, 14 व 19 साल की सेवा पर पूर्व की भांति एसीपी दिए जाने, यूजेवीएनएल में 2017 में भर्ती सहायक अभियंताओं को तीन प्रारंभिक वेतन वृद्धि के सापेक्ष संशोधित वेतन प्राधिकार पत्र जारी करने समेत कई मांगों के समर्थन में उत्तरांचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने आंदोलन का एलान किया है। इस कड़ी में दो मार्च को यूपीसीएल मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
उत्तरांचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक मंगलवार को अध्यक्ष वाईएस तोमर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में दिसंबर 2018 में यूजेवीएनएल में सहायक अभियंताओं की असंवैधानिक व नियम विरुद्ध जारी वरिष्ठता सूची को निरस्त करते हुए अयोग्य उम्मीदवारों को अधिशासी अभियंता बनाए जाने का पुरजोर विरोध किया गया। वक्ताओं ने डीपीसी को तत्काल खारिज करने की मांग उठाई है। इसके साथ ही यूजेवीएनएल में साल 2005 में नियुक्त सहायक अभियंताओं का प्रबंधन द्वारा जानबूझकर शोषण करते हुए पदोन्नति नहीं किए जाने पर आक्रोश जताया गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मांगों के बाबत सरकार के साथ ही शासन में बैठे अफसरों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अफसरों ने मांगों को गंभीरता से नहीं लिया। ऐसे में आंदोलन का निर्णय लिया गया है। इसके तहत तीनों निगमों के अभियंता दो मार्च को यूजेवीएनएल मुख्यालय पर धरना देंगे। इसके बावजूद मांगों का निस्तारण नहीं होने पर यूपीसीएल व पिटकुल मुख्यालयों में धरना दिया जाएगा। बैठक में महासचिव मुकेश कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कार्तिकेय दुबे समेत कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।