ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
कम भवन कर वसूली के बावजूद वार्डों में और कैंप क्यों नहीं लगाए जा रहे हैं। 31 मार्च तक 25 करोड़ का लक्ष्य कैसे पूरा होगा। बकायेदारों को नोटिस क्यों नहीं भेजे जा रहे हैं। जल्द ही अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं वरना कार्रवाई करूंगा।
यह दृश्य मंगलवार को नगर निगम कार्यालय के कर अनुभाग का था। यहां मेयर सुनील उनियाल गामा कम टैक्स वसूली पर कर्मचारियों को फटकार लगा रहे थे। उन्होंने कर अनुभाग के अधिकारियों से भवन कर वसूली का ब्यौरा पूछा तो अधिकारियों ने बताया कि करीब साढ़े 17 करोड़ रुपये की ही वसूली हो पाई है। मेयर गामा ने कहा कि यह अच्छी स्थिति नहीं है। अगले 40 से 45 दिनों में 25 करोड़ का लक्ष्य कैसे पूरा होगा। इसके लिए वार्डों में शिविर लगाकर लक्ष्य को पूरा करें। इसके अलावा निगम के बकायेदारों को नोटिस भेजने की कार्रवाई में तेजी लाएं। जिन्होंने अपना भवन कर जमा नहीं कराया है, उनसे जुर्माने के साथ भवन कर वसूला जाए।
इस दौरान मेयर ने म्यूटेशन के मामलों के बारे में भी जानकारी ली। पता चला कि एक दर्जन से अधिक म्यूटेशन के मामलों की सुनवाई लटकी हुई है। मेयर ने लोक निर्माण विभाग, बिजली समेत अन्य अनुभागों से ब्यौरा मांगा है। उन्होंने कहा कि जनता के कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कोई कर्मचारी कार्यों में ढिलाई बरतता मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही फिर से सभी अनुभागों का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कैलाश चंद्र जोशी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सिंह, कर अधीक्षक विनय प्रताप, अधिशासी अभियंता रचना पयाल, भूमि कर अधीक्षक धर्मेश पैन्यूली आदि मौजूद रहे।