ब्यूरो/अमर उजाला /देहरादून।
सिटी बस ऑपरेटरों की मनमानी रोकने और नए रूटों पर बसों के परमिट जारी करने के लिए सोमवार को प्रस्तावित आरटीए की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा होगी। बस ऑपरेटरों के हड़ताल पर जाने की स्थिति में बस का परमिट रद्द करने का प्रस्ताव भी चर्चा में शामिल होगा। प्रस्ताव पास हुआ तो भविष्य में बस ऑपरेटर हड़ताल नहीं कर पाएंगे।
देहरादून में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की पूरी व्यवस्था सिटी बसों, विक्रम, ऑटो और ई-रिक्शा पर निर्भर है। लंबी दूरी के यात्रियों की निर्भरता सिटी बसों पर है। पुलिस एवं प्रशासन की कार्रवाई होने पर बस चालक दबाव बनाने के लिए हड़ताल की धमकी देते हैं। पिछले साल जुलाई में सिटी बस ऑपरेटरों की हड़ताल से काफी परेशानी हुई थी। इससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में सिटी बस ऑपरेटरों की मनमानी रोकने के लिए बैठक में धारा 86 के तहत कार्रवाई करते हुए बस परमिट रद्द करने का प्रस्ताव पारित हो सकता है। इसके अलावा बैठक में पिछले साल जुलाई में हड़ताल करने वाले बस ऑपरेटरों के परमिट को लेकर भी चर्चा होगी।
बैठक में शामिल होने वाले प्रस्ताव
- प्रेम नगर गोरखपुर क्षेत्र से आईएसबीटी के लिए हल्के वाहन चलाने।
- इलेक्ट्रिक बैटरी चालित ऑटो के परमिट जारी करने।
- देहरादून से राजपुर और थानो मार्ग पर सिटी बसों को नए परमिट जारी करने।
- बालावाला मसदंवाला मार्ग पर परमिट जारी करने।
- नया गांव हाथीबड़कला मार्ग पर हल्के वाहनों के परमिट जारी करने।
- दुर्गम क्षेत्रों को शहर से जोड़ने के लिए वाहनों के परमिट जारी करने।