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कॉमन सर्विस सेंटर पर राजी नहीं राशन डीलर

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ब्यूरो/अमर उजाला /देहरादून।
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सूबे की सभी सस्ता गल्ला दुकानों को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) बनाने की सरकारी कवायद में राशन डीलरों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। सीएससी को राशन डीलर अपना नुकसान मान रहे हैं। ऐसे में सरकार की यह योजना अधर में लटक सकती है।
दरअसल राज्य सरकार की ओर से सूबे की सभी सस्ता गल्ला दुकानों को कॉमन सर्विस सेंटर बनाने की व्यवस्था बनाई गई है। सरकार का मकसद है कि आम उपभोक्ताओं को राशन की दुकानों पर जाने पर किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करना न पड़े। मसलन सीएससी के तहत दुकानों पर जन्म-मत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, चरित्र, आय प्रमाण-पत्र समेत बिजली, पानी, पासपोर्ट, पैनकार्ड व मोबाइल रिचार्ज आदि जैसे सभी सुविधा मिले। इससे जनता को तहसील के चक्कर से निजात मिल सके, लेकिन व्यवस्था लागू होने के पहले ही राशन डीलरों ने योजना पर सवाल खडे़ कर दिए। डीलरों के मानें तो इस योजना से मौजूदा समय में लोगों को लाभ न के बराबर मिलेगा जबकि राशन डीलरों को इससे दोगुना नुकसान उठाना पड़ेगा। डीलरों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों के इलाकों में बिजली नहीं है। ऐसे में इन क्षेत्रों में सीएससी बनाना बेमानी होगा।
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कर्मचारी के वेतन का बढ़ेगा खर्च
डीलरों का कहना है कि भले ही सरकार की ओर से सीएससी के लिए प्रिंटर, कंप्यूटर व बायोमीट्रिक मशीन की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन जिन डीलरों की उम्र 50 तक की हो चुकी है और उन्हें कंप्यूटर चलाना नहीं आता ऐसे में डीलरों को अपने खर्च पर कर्मचारी की नियुक्ति करनी होगी। कर्मचारी के लिए सरकार की ओर से कोई बजट का प्रावधान नहीं है।
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