हरिद्वार। जोगिया मंडी की एक महिला की जिला अस्पताल में पथरी के आपरेशन के बाद बिगड़ी हालत में मेरठ के एक अस्पताल में मौत हो गई। महिला के परिजनोें ने जिला अस्पताल के चिकित्सक पर आपरेशन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल और कोतवाली में जमकर हंगामा काटा। करीब डेढ़ घंटे तक चले हंगामे प्रदर्शन के बाद जैसे-तैसे पुलिस ने लोगों को शांतकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
क्षेत्र के जोगिया मंडी में रहने वाले पेशे से प्रसाद विक्रेता नरेश कुमार की पत्नी रीना (35) को पित्त की थैली में पथरी होने की शिकायत पर 23 जून को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। सर्जन डा. अरुण पांडेय ने 25 जून को महिला का ऑपरेशन किया और 30 जून को उसे डिस्चार्ज कर दिया था। आरोप है कि घर पहुंचने पर अचानक ही उसका पेट फूलने लग गया। तब तक ऑपरेशन के टांके भी काटे नहीं जा सके थे। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि सर्जन छुट्टी पर हैं। महिला को सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां एक सप्ताह तक भर्ती रहने के बाद महिला को पहले ऋषिकेश के बाद मेरठ के सहारा अस्पताल में भर्ती कराया। सहारा अस्पताल के बाद फिर मेरठ के ही मंगलम अस्पताल में बुधवार को ऑपरेशन के बाद उसकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार को शव लेकर पहुंचे परिजन का गुस्सा फूट पड़ा। मृतका के भाई कल्लू, पिता रामचंद्र के साथ एकत्र होकर जिला अस्पताल पहुंचे क्षेत्रवासियों ने जमकर हंगामा काटा। आक्रोशित भीड़ ने सीएमएस आरती ढौंढियाल को घेर लिया। हंगामे प्रदर्शन की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई। भीड़ की स्वास्थ्य कर्मचारियों से नोंकझोंक भी हुई। मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक अरुण पांडेय के लापरवाही बरतने से उसकी बहन की मौत हुई है। मेरठ के अस्पताल में उन्हें जानकारी दी गई कि उनकी बहन के टांकों वाले स्थान पर मवाद बन गया था और जो पूरे शरीर में फैल गया। रीना के पति नरेश ने चिकित्सक अरुण पांडेय के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। वीडियोग्राफी एवं चिकित्सकों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। सीएमएस आरती ढौंढियाल ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी।
छुट्टी पर चिकित्सक
हरिद्वार। सर्जन चिकित्सक अरुण पांडेय एक से 18 जुलाई से छुट्टी पर चल रहे है। हालांकि उन्हें बृहस्पतिवार को ड्यूटी ज्वाइन करनी थी लेकिन वे अस्पताल नहीं पहुंचे।