ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
राजधानी में क्रिसमस का उल्लास परवान चढ़ने लगा है। बाजार, चर्च और घरों में पर्व की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब लोगों को प्रभु यीशु के जन्म का इंतजार है। गिरिजाघरों में आज आधी रात से प्रभु यीशु के जन्म की खुशियां मनाई जाएंगी। रविवार रात 11:30 बजे से विशेष प्रार्थना और रात दो बजे केक काटकर प्रभु के जन्म का उल्लास मनाया जाएगा। बदलते परिवेश के साथ क्रिसमस भारत में भी जनसामान्य का त्योहार बन चुका है। सभी वर्ग के लोगों में इस पर्व को लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है।
सेंट जॉन्स चर्च, सेंट फ्रांसिस चर्च, सीएनआई चर्च, मॉरिसन मेमोरियल चर्च, सेंट थॉमस आदि चर्च क्रिसमस के लिए सज चुके हैं। ईसाई समुदाय के लोगों के घर रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाने लगे हैं। लोग एक-दूसरे के घर जाकर कैरल के माध्यम से ईशा मसीह के जन्म का संदेश दे रहे हैं। सेंट फ्रांसिस चर्च के फादर वैलेरियन पिंटो ने बताया की चर्च के कार्नर में प्रभु यीशु के जन्म की झांकियां सजाई गई हैं। रविवार रात विशेष प्रार्थना होगी। इसके बाद केक काटकर प्रभु के जन्म की खुशियां मनाएंगे। साथ ही शहीदों के लिए विशेष प्रार्थना की जाएगी। शहीदों को श्रद्धांजलि देकर उनके परिवार को सांत्वना देने के लिए आराधना की जाएगी।
उन्होंने बताया कि चर्च में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। बच्चे नाटक के जरिये प्रभु यीशु के संदेश लोगों को देंगे। लोगों को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रभु के जन्म का महत्व बताया जाएगा और प्रभु यीशु के जीवन पर बनी फिल्म दिखाई जाएगी। 25 दिसंबर को सुबह सात बजे प्रार्थना सभा होगी और फिर क्रिसमस का जश्न और मुलाकात का सिलसिला शुरू होगा। इसके बाद चर्च में कनफेसन का दौर भी शुरू हो जाएगा। साथ ही संता नगर में घूमते हुए बच्चों को गिफ्ट और टॉफी बांटेगा।