नौगांव (उत्तरकाशी)। टमाटर की फसल पर लग रही बीमारी ने काश्तकारों की नींद उड़ा दी है। बीमारी की वजह से काश्तकारों की 50 प्रतिशत से ज्यादा फसल खराब हो गई है। वहीं उद्यान विशेषज्ञ बीमारी को पछेती झुलसा और बैक्टीरियल बिल्ट रोग बता रहे हैं।
टमाटर पर लगने वाली बीमारी से नौगांव, धारी, मुलाणा, नैणी, मटियाली, सुनारा, कोटियालगांव, पलेठा, तुनाल्का, मुराड़ी सहित कई गांव के काश्तकार परेशान हैं। इसमें टमाटर के दाने सड़ कर खराब हो रहे हैं और पौधों में कालापन आ रहा है। इससे पौधे मुरझा रहे हैं। काश्तकार अजब सिंह रावत का कहना है कि उन्होंने 23 जून को देहरादून से ढाई हजार की दवा मंगाई है। दो दिन पहले छिड़काव किया। उसके बाद भी बीमारी का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। काश्तकार सुमित रावत, गजेंद्र नौटियाल, विशालमणि बधानी, शूरवीर सिंह, विजयपाल, बलबीर सिंह आदि का कहना है कि टमाटर पर लगने वाले रोग से उनकी पचास प्रतिशत से भी ज्यादा फसल खराब हो चुकी है।
वहीं उद्यान विशेषज्ञ डा. पंकज नौटियाल ने बताया कि टमाटर पर लगने वाली बीमारी का नाम पछेती झुलसा और बैक्टीरियल बिल्ट रोग है। इसमें 10 लीटर पानी में 30 ग्राम कॉपर ऑक्सी क्लोराइड और 1 ग्राम स्ट्रेप्टोसाइलिन का मिश्रण मिलाकर टमाटर की फसल पर छिड़काव करना पड़ता है, जिससे बीमारी खत्म हो जाती है। कई लोग सिर्फ एक दवाई का छिड़काव कर रहे हैं, जिससे यह रोग पूरी तरह से खत्म नहीं हो रहा है।