ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
नगर के विद्यापीठ मार्ग स्थित गार्डन रिसोर्ट में सोमवार से वेदों की महत्ता और प्रचार प्रसार पर मंथन किया जाएगा। मार्तंड वेद विज्ञान अनुसंधान संस्थान की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय वेद सम्मेलन में देशभर के ज्ञाता चारों वेदों पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।
संस्थान के अध्यक्ष डॉ. सुनील पैन्यूली ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव ने मानवीय संवेदनाओं को विकृत कर दिया है। वेदों को आचरण में उतार कर ही मानव सन्मार्ग की ओर उन्मुख हो सकता है। वर्तमान में वेदों के अध्ययन की अधिक आवश्यकता है। सम्मेलन में वेदों के ज्ञाता विश्व शांति और सद्भाव के लिए चारों वेदों का पाठ करेंगे। कार्यक्रम में प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें वेदों के निर्देश और यज्ञ में प्रयुक्त होने वाले पात्रों के महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा। सम्मेलन में संस्कृत विश्व विद्यालय हरिद्वार के कुलपति पीयुषकांत दीक्षित, उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के उपाध्यक्ष चंद्र किशोर शास्त्री, गुरुकुल कांगड़ी विश्व विद्यालय के वेद विभागाध्यक्ष प्रो. रूप किशोर शास्त्री, राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान रघुनाथ कीर्ति परिसर देवप्रयाग के प्रधानाचार्य प्रो. केबी सुब्बा रायडू, जयराम संस्कृत महाविद्यालय ऋषिकेश के प्रधानाचार्य मायाराम रतूड़ी आदि वेद ज्ञाता शिरकत करेंगे।