इस बार आपदा से प्रदेश में करीब 20 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि के नुकसान का अनुमान है। कृषि विभाग के मुताबिक पर्वतीय जिलों में दो हजार और मैदानी क्षेत्र में 18 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि का नुकसान हुआ है।
बताया यह भी जा रहा है कि पर्वतीय जिलों में आपदा से 18,228 पशुओं की मृत्यु हुई है। पशुपालन में ही आपदा से करीब 943 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान जताया गया है।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवाई) की बैठक में प्रमुख सचिव रणवीर सिंह के मुताबिक हरिद्वार में गन्ने की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। पर्वतीय जिलों में औद्यानिक फसलों, सब्जियों और टमाटर की फसल बर्बाद हुई है। बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव आशीष बहुगुणा ने राज्य सरकार से मनरेगा और जलागम प्रबंध जैसी योजनाओं और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
आपदा से नुकसान का ब्योरा पेश किया
बहुगुणा ने कहा कि इन योजनाओं में अधिक से अधिक प्रस्ताव बनाकर भेजे जाने चाहिए। बैठक में कृषि विभाग ने आपदा से नुकसान का ब्योरा भी पेश किया। वर्ष 2013-14 के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कुल 168 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को केंद्र के सामने रखा गया।
इसमें से 91 करोड़ की 13 परियोजनाओं को स्वीकृति दे दी गई। बैठक में केंद्रीय संयुक्त कृषि सचिव उत्पल कुमार, मुख्य सचिव सुभाष कुमार, प्रमुख सचिव राकेश कुमार सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल थे।
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