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बेसहारों को इमदाद में लापरवाही बनी रोड़ा

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बेसहारों को इमदाद में लापरवाही बनी रोड़ा
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। समाज कल्याण विभाग की हीलाहवाली के चलते राष्ट्रीय पारिवारिक योजना के पात्रों को इसके लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। दो माह पहले कैग की रिपोर्ट में सामने आया था कि देहरादून जनपद में सैकड़ों अपात्रों को इस योजना का लाभ दिया गया है। इसके बाद निदेशक ने पात्र व अपात्रों के कागजातों की जांच करने के आदेश दिए थे लेकिन कुछ नहीं हो सका।
राष्ट्रीय पारिवारिक योजना के तहत बीपीएल परिवार के मुखिया की मृत्यु के बाद परिवार की मद्द के लिए 20 हजार रुपये आर्थिक दी जाती है, लेकिन अफसरों की लापरवाही के कारण योजना का लाभ सामान्य वर्ग के लोगों को दिया जा रहा है। जब सीएजी ने ऑडिट किया तो सच से पर्दा उठा। विभागीय अधिकारियों की माने तो इस वर्ष 500 आवेदन आए हुए हैं, जिनकी छंटनी की जानी है, लेकिन स्थिति ये है कि अभी तक कर्मचारी इनमें से पात्र लोगों के आवेदनों की छंटनी नहीं कर पाएं हैं। इस कारण पात्र लोग योजना का लाभ पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।
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वसूली के आदेश हवा हवाई
विभाग की लापरवाही सामने आने के बाद समाज कल्याण विभाग के निदेशक योगेंद्र यादव ने कहा था कि अपात्रों से घर-घर जाकर वसूली की जाएगी। जबकि अब दो माह बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर का कहना है कि इस तरह के उन्हें कोई आदेश नहीं मिले हैं। ऐसे में सवाल ये है कि निदेशक ने पहले मामला शांत करने के लिए इन आदेशों की बात कही या उनके मातहतों पर अपने अधिकारी की बात का कोई फर्क ही नहीं पड़ता।
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2017-18 में मिला 216 को लाभ
2017-18 में योजना का लाभ लेने के लिए 775 लोगों ने आवेदन किया था लेकिन बजट कम होने के कारण मात्र 216 लोगों को ही योजना का लाभ मिल सका। अब जब जांच रिपोर्ट आएगी तो उजागर होगा कि अफसर कितने वर्षों से अपात्रों को योजना का अनुदान बांट रहे हैं।
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