बिजली कनेक्शन का दोगुना कनेक्शन चार्ज वसूलने की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने नए विनियम को लेकर जो प्रस्ताव तैयार किया है यदि जन सुनवाई के बाद उस पर मुहर लग जाती है तो आने वाले समय में उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन लेने के लिए औसतन दोगुना चार्ज देना होगा। इसके अलावा कनेक्शन देने में देरी करने पर यूपीसीएल को जुर्माना अदा करने के साथ ही उपभोक्ताओं को भी प्रतिपूर्ति का भुगतान करना होगा। नियामक आयोग को बिजली इलेक्ट्रिक सप्लाई कोड (ईएससी) में संशोधन करने के साथ ही नए कनेक्शन के लिए विनियम का प्रस्ताव तैयार किया है जिस पर आयोग कार्यालय में मंगलवार से जन सुनवाई की जा रही है। जन सुनवाई के बाद तमाम पहलुओं पर विचार विमर्श के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
नियामक आयोग के सचिव नीरज सती व निदेशक (तकनीकी) प्रभात किशोर डिमरी ने बताया कि घरेलू कनेक्शन के लिए साल 2013 और व्यावसायिक कनेक्शन के लिए 2008 में कनेेक्शन की दरों को लेकर संशोधन किया गया था। अब नए बिजली कनेक्शन को लेकर कनेक्शन की दरों को संशोधित किया जाना है। जिसके लिए आयोग की ओर से जो प्रस्ताव तैयार किया गया है उसके मुताबिक कनेक्शन चार्ज की दरों को औसतन दोगुना किया जा सकता है। इसके अलावा विद्युत नियामक आयोग की ओर से जो प्रस्ताव तैयार किया गया है उसके मुताबिक अब उपभोक्ताओं को निर्धारित अवधि में कनेक्शन नहीं देने पर यूपीसीएल को जुर्माना भरने के साथ ही उपभोक्ताओं को भी प्रतिपूर्ति का भुगतान करना होगा। वर्तमान में उपभोक्ताओं को प्रतिपूर्ति का कोई प्रावधान नहीं है। इसके साथ ही विनियम को लेकर जो प्रस्ताव तैयार किया गया है कि घरेलू व व्यावसायिक कनेक्शन के लिए एक ही सप्लाई कोड आवंटित किया जाएगा।
नीरज सती ने बताया कि फिलहाल नए प्रस्तावों को लागू करने से पहले मंगलवार को जन सुनवाई होगी। उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यदि बिजली कनेक्शन को लेकर नई दरें लागू की जाती हैं तो इससे न सिर्फ यूपीसीएल की आय में इजाफा होगा, वरन प्रतिपूर्ति का भुगतान होने से उपभोक्ताओं को भी वित्तीय लाभ होगा।