ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
मुंबई के एक कारोबारी की जमीन को उनके भाई ने फर्जी दस्तावेजों से बेच दिया गया। मालिक को इस धोखाधड़ी का काफी समय बाद लगा। जमीन में प्लाटिंग कर आगे भी क ई लोगाें को बेच दी गई। इस मामले में भाई समेत पांच लोगाें को आरोपी बनाया गया है। उधर, अन्य मामले में फर्जी दस्तावेज से जमीन बेचने के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
नवी मुंबई निवासी जगदीश सती ने रायपुर पुलिस को बताया कि देहरादून में उसके हिस्से की जमीन थी। आरोप है कि भाई राजेश सती ने गिरीश कोठियाल, संदीप सती, रमेश सती आदि के साथ जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर सुरेंद्र सिंह रावत को बेच दी। रावत ने जमीन को प्लाटिंग कर कई अन्य लोगाें को बेच दी। भाई के विश्वासघात किए जाने के कारण उन्हें जमीन को लेकर हुई धोखाधड़ी का काफी दिन बाद पता लग पाया। रायपुर इंस्पेक्टर हेमेन्द्र नेगी ने बताया कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप भाई और उनके साथियों पर है। मुकदमा दर्ज कर साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है, ताकि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
उधर, रायपुर पुलिस ने फर्जी दस्तावेज से जमीन बेचने के मामले में वांछित चल रहे राजेंद्र पाल निवासी सतीवाला और अशोक कुमार पाल निवासी गोरखपुर चौक को लाडपुर रिंग रोड से गिरफ्तार कर लिया। मोहब्बेवाला निवासी जानकी देवी ने इस मामले में अभियोग पंजीकृत कराया था। हेमेंद्र नेगी और माया त्रिपाठी समेत तीन लोग पहले ही जेल जा चुके है।