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मौसम के संधिकाल ने बिगाड़ी सेहत

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अमर उजाला फाइल फोटो
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देहरादून। मौसम के संधिकाल ने शरीर के लिए कई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। कोरोनेशन, गांधी शताब्दी व दून अस्पताल जैसे सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज इलाज करा रहे हैं जिन्हें एक सप्ताह के भीतर गंभीर सर्दी जुकाम, गले में सूजन, गंभीर सिर दर्द, शरीर में जकड़न जैसी परेशानियों ने गिरफ्त में ले लिया है। अकेले दून अस्पताल में ही सोमवार को 1500 मरीज इलाज कराने पहुंचे, जिसमें से ज्यादातर बुखार, सर्दी, जुकाम व गले में सूजन से परेशान थे। मौसम के बदलाव के अलावा फ्रिज का पानी पीने और रात में कम कपड़े पहनकर सोने से र्कई बच्चों में न्यूमोनिया की स्थिति हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम के इस संधिकाल में यदि एहतियात न बरती गई तो सेहत के लिए खतरा हो सकता है।

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दून अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. केसी पंत के मुताबिक दिन और रात के तापमान में अंतर व आर्र्दता में भारी अंतर होने से वायरस और बैक्टीरिया का दोहरा हमला हो रहा है। वर्तमान में मौसम का जो मिजाज है उससे दिन में वायरस की सक्रियता अधिक है, जिससे वायरल डायरिया जैसी बीमारियां जकड़ रही हैं जबकि रात में बैक्टीरिया प्रभावी होने से सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी व गले में सूजन की बीमारियां बढ़ी हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी से स्थिति और खराब
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. केपी पंत के मुताबिक मौसम के इस संधिकाल में शरीर का सुरक्षा तंत्र भी बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में जहां एक तरफ शारीरिक सुरक्षा तंत्र वायरस से निजात पाने की कोशिश में है वही सुरक्षा तंत्र बैक्टीरिया से निपटने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में शारीरिक सुुरक्षा तंत्र को दो मोर्चे पर जद्दोजहद करनी पड़ रही हेै। जिससे वायरस, बैक्टीरिया दोनों शरीर पर भारी पड़ रहे है नजीता बीमारियों के रूप में सामने है।
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सैकड़ों बच्चे अस्पतालों में भर्ती
मौसम के बदलाव की सबसे अधिक मार बच्चों पर पड़ी है। सर्दी, जुकाम, निमोनिया, डायरिया से पीड़ित सैकड़ों बच्चे दून, कोरोनेशन व गांधी शताब्दी के अलावा निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक निमोनिया, सर्दी, जुकाम से पीड़ित सैकड़ों ओपीडी में पहुंच रहे हैं। जिसमें से कई बच्चों की हालत खराब होने पर उन्हें भर्ती किया गया है।

मांसपेशियों के दर्द से मरीज बेहाल
मौसम के बदले मिजाज ने वायरल बुखार, जुकाम, सर्दी, खांसी ही नहीं गठिया रोगियों की भी मुसीबतें बढ़ा दी हैं। घुटने, कोहनी, कंधे में दर्द की शिकायत लेकर भारी संख्या में मरीज आर्थोपेडिक्स सर्जन के पास पहुंच रहे हैं। अस्पतालों में पहुंचने वाले 60 फीसदी मरीजों को गठिया, कमर दर्द व पैरों में दर्द की शिकायत है। मौसम का जो मिजाज है इसमें मांसपेशियां अकड़ जाती हैं ऐसे में शरीर के सभी जोड़ों में दर्द होना स्वाभाविक हैं।
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ऐसे करें बीमारियाें से बचाव
- सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनें।
- सुबह-शाम और रात में ठंडे पानी की जगह गुनगुना पानी पीयें।
- गले में सूजन हो तो जोर लगाकर कतई न बोलें। संभव तो इशारे में ही अपनी बात कहें।
- बच्चों को आइसक्रीम न खाने दें।
- हरी सब्जियों के साथ मौसमी फल का सेवन करें।
- तबियत खराब होने पर घरेलू उपचार के बजाय कुशल चिकित्सक से इलाज कराएं।

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