अमीरों से 20-50 हजार रुपये की छोटी मदद लेने वाले लोगों को भी अब हिसाब देना होगा। आयकर विभाग ने अमीरों की टैक्स चोरी पकड़ने के लिए रणनीति में बदलाव किया है। इसके तहत अब छोटे लेन-देन को ट्रेस किया जा रहा है। आयकर विभाग ने ऐसे कई हजार खाते चिह्नित किए हैं।
नोटबंदी के बाद से आयकर विभाग ने हजारों ऐसे खातों को चिह्नित किया था जिनमें कई-कई लाख का लेन-देन हुआ था। आयकर विभाग आमतौर पर दस लाख या इससे अधिक के ट्रांजेक्शन पर पूछताछ करता आया है। लेकिन, इस बार विभाग ने रणनीति बदल दी है। टैक्स चोरी करने के लिए अलग-अलग खातों में छोटी-छोटी ट्रांजेक्शन करने वालों को पकड़ने की योजना तैयार कर ली है।
आयकर विभाग ने प्रदेश में ऐसे कई हजार खाते चिह्नित किए ह्रैं। जिनमें 50 हजार से एक लाख का लेन-देन हुआ है। फिर चाहे इसमें सीधे रकम जमा की गई हो या फिर ट्रांसफर से जमा कराई गई हो। आयकर विभाग के मुताबिक, अगर आपने अपनी कमाई की रकम खाते में जमा कराई है तो उसका हिसाब रखना पड़ेगा। कभी भी हिसाब मांगा जा सकता है। आने वाले समय में विभाग ऐसे लोगों से पूछताछ करेगा।
पैसा लिया है तो आईटीआर दुरुस्त रखें
आयकर विभाग का तर्क है कि यदि आपने किसी से उधार या अन्य तरीके से पैसा लिया है तो अपनी आयकर रिटर्न दुरुस्त रखें। कभी भी आपसे इस लेन-देन पर सवाल पूछा जा सकता है।
अधिकारी भी रहें सजग
आयकर विभाग ने अपने अधिकारियों को भी आयकर रिटर्न के प्रति सजग रहने का कहा गया है। साथ ही कार्रवाई करने में एहतियात बरतने, कानूनी पहलुओं को समझकर ही कार्रवाई करने की हिदायत दी है। यह शुरुआत हाल ही में मोदी सरकार की ओर से कई आयकर अधिकारियों की सेवा समाप्त करने के निर्णय के बाद की है।