ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देवपुरम, लोअर तुनवाला निवासी बबिता पाठक ने राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी को पत्र भेजकर आहूजा पैथोलॉजी लैब एवं इमेजिंग सेंटर का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है।
बबिता का आरोप लगाया है कि गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड समेत अन्य जांचें इसी लैब में हुईं। लैब की ओर से सभी जांच रिपोर्ट में बच्चा सामान्य होने की जानकारी दी गई, लेकिन प्रसव के बाद बच्चे में कई जन्मजात दिक्कतें थीं। इस बाबत मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लैब की जांच कराई, जिसमें आहूजा पैथोलॉजी लैब एवं इमेजिंग सेंटर की गलती की पुष्टि हुई है। इसके बावजूद लैब के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बबिता पाठक ने लैब का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है ताकि अन्य लोगों के साथ ऐसा न हो सके।