ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
नगर के आर्य समाज मंदिर में शुक्रवार को स्व. आदर्श त्यागी स्मृति बाल काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें नगर और आसपास के क्षेत्रों के नन्हे कवियों ने काव्य पाठ कर अपनी साहित्यिक अभिरुचि का प्रदर्शन किया।
काव्य पाठ में बाल कवियों ने सिसायत से लेकर पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों के ताने बाने पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। काव्य पाठ की शुरुआत ध्रुव चौहान ने मैंने फिर आज अपना गांव जलते देखा है... कविता से की। ओजस्वी त्यागी ने मेरा परिवार, प्यारा परिवार, खुश परिवार दुलारा परिवार, इस पल में बहता जाऊंगा, मैं भी ये रीत निभाऊंगा.., कोमल ने मां बाप के प्रति अपनी भावनाओं को प्रस्तुत करते हुए कहा कि किसी ने सही कहा है, जिस घर में मां बाप हंसते हैं, उस घर में भगवान बसते हैं...।
वहीं, भूमिका अग्रवाल ने सभी वेद, पुराण, सभी ग्रंथ नारी की महिमा को दोहराते हैं, कोख में जब कन्या आए तो उसकी हत्या क्यों करवाते हैं... कविता सुनाई। पीयुष, प्रिया मोंगा, विवेक, संयम, प्रीति, रश्मि, जयदेव कपूर, साक्षी, निखिल रावत, रिमझिम छेत्री, अनुराग, आकांक्षा चौहान ने भी अपनी काव्य प्रस्तुति दी। इस दौरान आयोजक पुष्पेंद्र त्यागी, आशीष शर्मा, चंदन शास्त्री आदि मौजूद रहे।