ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
शक्तिनहर में हो रहे हादसों के बावजूद प्रशासन की ओर से नहर किनारे सुरक्षा के उपाय नहीं किए जा रहे हैं। गर्मी से निजात पाने के लिए छोटे बच्चे हर रोज जान जोखिम में डालकर नहर में डुबकी लगा रहे हैं। ऐसे में कभी भी बड़ी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
डाकपत्थर से कुल्हाल तक शक्तिनहर किनारे कहीं भी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं। इस नहर में आत्महत्या करने के साथ ही आकस्मिक दुर्घटना की कई घटनाएं घट चुकीं हैं। इसके बावजूद प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है। नहर किनारे सुरक्षा उपाय करने की मांग स्थानीय लोग लंबे समय से करते आ रहे हैं। नहर किनारे बने मार्ग से भीमावाला, ढकरानी, ढालीपुर, कुल्हाल के लोग आवाजाही करते हैं। संकरा मार्ग होने के कारण इस पर दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। साथ ही नहर में कूद कर आत्महत्या के मामले भी सामने आ चुके हैं। दो दिन पहले ही एक युवती ने शक्तिनहर में कूदकर जान देने का प्रयास किया था।
इन दिनों पारा चढ़ने के साथ ही शक्तिनहर में डुबकी लगाने वाले नौनिहालों की संख्या भी बढ़ रही है। भीमावाला, ढकरानी, ढालीपुर में छोटे बच्चे दिन भर नहर में डुबकी लगाते रहते हैं। इस ओर अभिभावक भी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में कभी भी दुर्घटना हो सकती है।
उधर, एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने बताया कि यूजेवीएनएल अधिकारियों को नहर किनारे सुरक्षा जाली लगाने के निर्देश देने के साथ ही ग्रामीणों को भी सहयोग देने के लिए कहा जाएगा।
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पिछले कुछ महीनों में हुए हादसे
- 11 दिसंबर 2018- एक युवक ने शक्तिनहर पुल से लगाई छलांग, मौत
- 14 मार्च 2019- शक्तिनहर में कार गिरी, हादसे में चार की मौत
- 13 अप्रैल 2019- डाकपत्थर बैराज झील में नहाते वक्त डूबने से दो छात्रों की मौत
- 29 मार्च 2019- एक महिला ने शक्तिनहर में लगाई छलांग, मौत
- 03 मई 2019- दो छात्रों की शक्तिनहर में डूबने से मौत