ब्यूरो/अमर उजाला, साहिया
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बने माख्टी पोखरी-मरोगे मोटर मार्ग पर ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। जौनसार बावर परगने के चालीस गांवों को जोड़ने वाले इस मार्ग के अधिकांश हिस्से पर डामरीकरण नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने मार्च माह के अंत तक निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
बारिश आने पर ग्रामीणों के लिए इस मार्ग पर सफर करना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित विभाग से मार्ग के सुधारीकरण की मांग की, लेकिन ग्रामीणों की समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह, मातबर सिंह, गोपाल दास, रतन सिंह, रमेश चौहान, धीरेंद्र सिंह, मीजान दास, बारु जोशी, श्याम सिंह, बलवीर सिंह, चादर सिंह, महावीर सिंह ने बताया कि 15 किमी लंबे माख्टी पोखरी-मरोगे खेड़ा मोटर मार्ग के डामरीकरण, चौड़ीकरण, सुरक्षा दीवार, नाली निर्माण और पैराफिट निर्माण का जिम्मा वर्ष 2015 में पीएमजीएसवाई को दिया गया था। तीन वर्ष बाद भी मार्ग पर डामरीकरण सहित अन्य सुरक्षा कार्य नहीं कराए गए हैं। मार्ग पर डामरीकरण नहीं होने से बरसात में कीचड़ हो जाती है। साथ ही सुरक्षा दीवार और पैराफिट नहीं होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
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कुछ जगहों पर भूस्खलन जोन होने के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है। भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट कर शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- वीएस भट्ट, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई
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मार्ग का सुधारीकरण नहीं होने से बरसात में मार्ग बंद हो जाता है। इससे ग्रामीण अपनी नगदी फसलों को बाजार तक नहीं पहुंचा पाते हैं। बरसात के तीन महीने ग्रामीण घरों में ही कैद होने को मजबूर हो जाते हैं। विभाग से कई बार मार्ग सुधारीकरण की मांग की गई, लेकिन हर बार बजट की कमी का हवाला दिया जा रहा है।
- श्याम सिंह, ग्रामीण
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संपर्क मार्ग का सुधारीकरण नहीं होने से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर करते हैं। जर्जर होने के चलते मार्ग पर रात में वाहन नहीं चला सकते। ऐसे में ग्रामीणों के बीमार होने पर रात में अस्पताल पहुंचाने के लिए डंडी-कंडी का सहारा लेना पड़ता है।
- संजीव चौहान, ग्रामीण