ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में निजी चिकित्सकों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। सोमवार को नगर के एक होटल में आईएमए, नीमा, आईडीए और आयुष एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सकों ने बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार की। चौथे दिन भी निजी चिकित्सालयों पर ताला लटका होने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी।
आइएमए की स्थानीय शाखा के अध्यक्ष डॉ. जगबीर चंद ने कहा कि एक्ट लागू होने के बाद अस्पताल का संचालन एवं रखरखाव महंगा हो जाएगा। अस्पताल में कार्यरत पुराने अनुभवी कर्मचारियों को कार्य से वंचित होना पड़ेगा। साथ ही एक्ट में शामिल किए गए साडा और एमडीडीए के कड़े प्रावधानों के कारण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाले छोटे अस्पतालों को बंद करना पड़ेगा। कहा कि एक्ट के अनुसार सरकार मरीजों को जेनरिक दवाएं खाने के लिए मजबूर कर रही है। कहा कि एक्ट से उपचार कराना महंगा हो जाएगा, जिससे गरीब वर्ग को सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार जब तक मांगों को नहीं मान लेती, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। बैठक में डॉ. विरेंद्र चौहान, डॉ. हंसराज अरोड़ा, डॉ. मुदित अग्रवाल, डॉ. यशवीर, डॉ. नरदेव शर्मा आदि मौजूद रहे।