ब्यूरो/अमर उजाला, चकराता
जौनसार बावर परगने में बृहस्पतिवार को चली आंधी से कई गांवों में मकानों की छतें उड़ गईं। जबकि, कई जगह मकानों पर पेड़ गिरने से दरारें आ गईं हैं। वहीं, ओलावृष्टि से मटर की फसल को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से सहायता की मांग की है।
बीते बृहस्पतिवार सुबह से जौनसार बावर परगने में शुरू हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद देर शाम अचानक हवा के तेज झोंके चलने लगे, जिसने कुछ ही देर में आंधी का रूप ले लिया। तेज अंधड़ चलने से अलसी निवासी गुलाब सिंह बिष्ट की गोशाला की छत उड़ गई। वहीं, दातनु निवासी चतर सिंह चौहान और रणवीर सिंह चौहान की छानियों में लगी टीन की चादरें उड़ कर पास के खेतों में जा गिरीं। जबकि, दीवान सिंह चौहान स्टोर में रखा भूसा उड़ गया। कालसी ब्लॉक के कोटी विशायल निवासी जीतु के पक्के मकान पर पेड़ गिरने से मकान में दरारें पड़ गईं। पानुवा निवासी चंदन की आवासीय छानी की छत उड़ गई। प्रभावितों ने तहसील प्रशासन से उचित सहायता की मांग की है। उधर, एसडीएम डॉ. अपूर्वा सिंह ने बताया कि राजस्वकर्मियों को क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।