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जैन समाज की महिलाओं ने लिया नारी गरिमा का संकल्प

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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
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अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स महाअभियान के तहत नगर में बालिका शिक्षा पर आयोजित कार्यक्रम में जैन समाज की महिलाओं ने शपथपत्र भरकर नारी गरिमा का संकल्प लिया।
श्री दिगंबर जैन महिला महासमिति विकासनगर, श्री पारस महिला मंडल एवं श्री पार्श्व महिला जैन मिलन संगठन से जुड़ी महिलाओं ने कहा कि बेटियों की स्वतंत्रता में आड़े आ रही समाज और रुढ़िवादी सोच में बदलाव की आवश्यकता है। पुरानी सोच को बदलना होगा और महिला शिक्षा एवं अधिकारों को लेकर कानून में भी संशोधन करना होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि बाल ब्रह्मचारिणी डॉ. मनोरमा जैन ने किया।
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मुख्य बाजार स्थित एक होटल में णमोकार मंत्र के उच्चारण से शुरू हुए समारोह में मुख्य अतिथि ने कहा कि पूरे घर की जिम्मेदारी नारी पर है। मां बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही संस्कार देती है। उन्होंने सती मैना सुंदरी, अंजना, चैलना, चंदन बाला, माता त्रिशला आदि का जिक्र करते हुए कहा कि इन महिलाओं के जैन दर्शन में तप, त्याग के अनेक प्रसंग हैं। विशिष्ट अतिथि सागर चेतना प्रवाह न्यास के अध्यक्ष विजय कुमार जैन एवं श्री दिगंबर जैन समाज विकासनगर के अध्यक्ष कृष्ण लाल जैन ने कहा धन, ज्ञान और शक्ति की देवी मां है। मां से ही बच्चों को संस्कार मिलते हैं। उन्होंने बताया कि जैन समाज से जुड़ी महिलाओं की साक्षरता दर देशभर में 99 फीसदी है। उन्होंने अमर उजाला अपराजिता के इस अभियान को सराहते हुए कहा कि समाज से जुड़े लोग महिला सशक्तीकरण के लिए चलाए गए इस अभियान की सफलता के लिए हाथ बढ़ाएं।
ये बने कार्यक्रम का हिस्सा
कृष्ण लाल जैन, विजय कुमार जैन, अल्का जैन, नीलम जैन, वंदना जैन, निधि जैन, स्वाती जैन, ममता जैन, पूनम जैन, निशा जैन, श्वेता जैन, आशिमा जैन, सोनिया जैन, मनीषा, पूजा, प्रीति, दीपाली, सुनीता जैन, रुचि जैन, सुरभि जैन, गीता जैन, सपना जैन, बबीता जैन, मधु जैन, मनीष जैन, राजकुमार जैन।
आया समय उठो तुम नारी, युग निर्माण तुम्हें करना है...
कार्यक्रम का संचालन कर रहे सागर चेतना प्रवाह न्यास के प्रबंध न्यासी राजकुमार जैन ने बेटियों पर कई शानदार कविताएं प्रस्तुत कीं। उन्होंने आया समय उठो तुम नारी, युग निर्माण तुम्हें करना है, आजादी की खुदी नींव में तुम्हें प्रगति पत्थर भरना है आदि कविताओं से महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि नारी के प्रति भेदभावों व शोषण को मिटाने के लिए नारी का शिक्षित होना बेहद जरूरी है। शिक्षा संस्कारों से ही नारी में सभ्यता व प्रगतिशीलता के बीज रोपित होते हैं और उज्जवल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
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बड़ी संख्या में शिक्षित महिलाएं घरों पर हैं। महिलाओं से जुड़े मसले पर आधी आबादी को घर से बाहर निकलना होगा। बेटियों को लेकर सोच बदलने के साथ ही कानून में भी आवश्यक संशोधन किया जाना चाहिए। -ममता जैन
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नारी के लिए सम्मान ही सबसे बड़ा उपहार है। बदलते दौर में महिला उत्पीड़न के मामले सामने आ रहे हैं। इनसे निपटने एवं अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए महिलाओं को आगे आना होगा। -अलका जैन
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जीवन में सफलता और सुखी जीवन के लिए बेटियों का शिक्षित होना जरूरी है। बेटियां पढ़ेंगी तभी आगे बढ़ेंगी। अमर उजाला अपराजिता महाअभियान एक अच्छी पहल है। इससे निश्चित रूप से समाज में जागरुकता आएगी। -निधि जैन
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महिलाएं कहीं बेटी के रूप में, कहीं पत्नी के रूप में और कहीं मां के रूप में बखूबी अपनी जिम्मेदारी निभाती हैं। वे शिक्षित होंगी तो दो परिवार और पूरा समाज शिक्षित होगा। -स्वाती जैन
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देश के विकास में महिलाओं का अहम योगदान है। बावजूद इसके कई महिलाएं उत्पीड़न का दंश झेल रही हैं। इस अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए उनका शिक्षित होना जरूरी है। -निशा जैन
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एक शिक्षित मां, सौ शिक्षकों के समान है। उनके शिक्षित होने से पूरा परिवार, समाज और देश सशक्त होता है। महिलाएं शिक्षित होंगी तो घरेलू हिंसा में कमी आएगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। -वंदना जैन
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महिलाओं को शिक्षित होना जरूरी है। शिक्षा के माध्यम से ही महिला समाज में बराबरी का दर्जा हासिल कर सकती हैं। इसके लिए जरूरी है कि ग्रामीण तबके में भी बालिका शिक्षा के प्रति जागरुकता पैदा की जाए। -दीपाली जैन
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शिक्षा और स्वरोजगार महिलाओं को समाज में आत्मनिर्भर बनने का अवसर मुहैया कराते हैं। लिहाजा प्रत्येक महिला का आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर होना जरूरी है। आर्थिक संसाधन मुहैया होने से महिलाओं की परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी। -महक जैन
फोटो
महिला सशक्तीकरण के लिए अमर उजाला द्वारा शुरू की गई पहल अनुकरणीय है। इस अभियान से समाज की मानसिकता में परिवर्तन होगा। लोग बालिका शिक्षा के प्रति जागरूक होंगे। -आसिमा जैन
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शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति का मूलभूत अधिकार है, लेकिन संकीर्ण मानसिकता के चलते बेटियों को आज भी उच्च शिक्षा से वंचित रखा जा रहा है। अमर उजाला ही पहल इस मानसिकता में परिवर्तन लाने के लिए सराहनीय है। -पूजा जैन
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महिला सशक्तीकरण के लिए पुरुष प्रधान समाज की मानसिकता में बदलाव जरूरी है। अमर उजाला इन दिनों घर-घर तक इस बात को पहुंचा रहा है कि महिला और पुरुष को समाज में समान अधिकार मिले हैं। लिहाजा महिलाएं भी समाज के हर क्षेत्र में कार्य कर सकती हैं। -पूनम जैन
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समाज और राष्ट्र के विकास के लिए महिलाओं का आत्मनिर्भर होना जरूरी है। आत्मनिर्भर महिला बनने के लिए बचपन से ही बेटियों को समान अवसर मुहैया कराने चाहिए। इसके लिए अमर उजाला का अपराजिता महाअभियान समाज की सोच बदल कर बेटियों को समाज में समान अवसर दिलाने का प्रयास कर रहा है। -रुचि जैन
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