ब्यूरो/अमर उजाला, चकराता/साहिया/त्यूनी
जौनसार-बावर क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी की राह ताक रहे लोगों के लिए रविवार का दिन खास रहा। शनिवार रात को मौसम के करवट बदलने के बाद रविवार सुबह से ही हल्की बारिश शुरू हो गई। दोपहर तक ऊंची पहाड़ियों ने बर्फ की चादर ओढ़नी शुरू कर दी। जबकि, चकराता में हल्की बर्फबारी हुई।
कोटी कनासर, लौहारी और लोखंडी समेत आस पास की ऊंची चोटियों के बर्फ से ढकने से पर्यटकों, व्यापारियों और किसानों के चेहरे खिल उठे। क्षेत्र में बर्फवारी के बाद तापमान में आई गिरावट से ठंड बढ़ गई। रविवार रात तक बारिश जारी रहने से चकराता और अन्य निचले हिस्सों में भी बर्फ पड़ने की संभावना बनी हुई है। जौनसार-बावर में पर्यटकों के आमद की उम्मीद से व्यापारी भी खुश नजर आ रहे हैं। स्थानीय व्यापारी दिनेश चांदना, राजू मेहता, प्रकाश जोशी, बिट्टू चौहान, सालक राम जोशी ने बताया कि रविवार सुबह से पर्यटकों की आमद बढ़ने से देर शाम तक चकराता के सभी होटल बुक हो गए हैं। साल की पहली बर्फवारी का आनंद लेने के लिए पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
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यहां बर्फ से ढकी चोटियां
मुंडाली, देववन, कथियान, प्यूनल, डेरसा, भरम, कुनैन, लोखंडी, कोटी कनासर, बुधेर, मोयला टॉप, चकराता जंगलात चौकी सहित कई स्थानों पर हिमपात हुआ। चकराता बाजार में हल्की और ठाणा डांडा में जमकर बर्फबारी हुई।
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बारिश से फसलों को होगा फायदा
बारिश से मटर और गेहूं की फसल को फायदा होगा। खासकर जौनसार बावर क्षेत्र में फसलें बारिश पर निर्भर हैं। किसानों का कहना है कि बारिश उनकी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। किसान स्वराज सिंह, सरदार सिंह, मोहर सिंह, प्रताप सिंह, बचन सिंह आदि का कहना है कि इस बार गेहूं के बजाए अधिकतर किसानों ने मटर की बुआई की है। बारिश नहीं होने से फसल खराब होने लगी थी। कृषि विज्ञान केंद्र ढकरानी के वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि बारिश से मटर का उत्पादन बढ़ेगा। वहीं, बर्फबारी सेब की फसल के लिए फायदेमंद है।