गैरसैंण। विकासखंड के मेहलचौंरी गांव और बाजार में लोग पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं। वहीं कई लोग रामगंगा नदी के पानी से प्यास बुझा रहे हैं। स्थिति यह है कि गांव और बाजार के नजदीक कोई पेयजल स्रोत नहीं होने से यहां पांच लीटर पानी 50 रुपये और 500 लीटर पानी का टैंक 600 रुपये में निजी ट्रॉलों के माध्यम से बिक रहा है।
मेहलचौंरी की प्रधान जानकी मेहरा, पूर्व राज्य मंत्री सुरेश कुुमार, जिला पंचायत सदस्य जगमोहन कठैत, पूर्व कनिष्ठ उपप्रमुख प्रेम संगेला, बलबीर रावत, जितेंद्र मेहरा आदि ने बताया कि मेहलचौंरी गांव और बाजार में पेयजल की आपूर्ति झिरकोट गदेरे से करीब पांच किमी लंबी लाइन द्वारा की जाती है, लेकिन स्यूंणी तल्ली के लिए निर्माणाधीन सड़क से पिछले 17 सितंबर को पानी की लाइन कई जगह टूट गई। शिकायत के बाद यहां विभाग ने रबर का पाइप लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था की, लेकिन पानी तब भी गांव और बाजार तक नहीं पहुंचा। ऐसे में यहां की दो हजार से अधिक आबादी पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने कहा यदि जलसंस्थान यहां जल्द पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं करता है, तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं सड़क का निर्माण कर रहे पीएमजीएसवाई के अवर अभियंता प्रदीप नौटियाल ने बताया कि जलसंस्थान को रबर का पाइप उपलब्ध कराया गया था, लेकिन प्रेशर नहीं होने से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। दो-तीन दिन में लोहे के पाइपों की व्यवस्था की जाएगी। वहीं जलसंस्थान के अवर अभियंता नीरज झिंक्वाण का कहना है कि सड़क निर्माण के चलते लाइन कई जगह टूट गई है, जिसके लिए पीएमजीएसवाई को 7 लाख 67 हजार का इस्टीमेट भेजा गया है। धनराशि प्राप्त होने पर पेयजल लाइन की मरम्मत कर दी जाएगी।