कर्णप्रयाग। डोंठला गांव में आयोजित पांच दिवसीय पांडव नृत्य का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन हुए कार्यक्रम में पांडवों के पश्वाओं ने देवनृत्य कर ध्याणियों और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। इस दौरान गांव में भंडारे का आयोजन भी किया गया।
डोंठला गांव में 20 नवंबर से पांडव नृत्य का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को आयोजन के अंतिम दिन सुबह 11 बजे पांडव चौक में पुजारियों ने पांडवों की पूजा की। करीब पांच घंटे तक पूजा-अर्चना और ढोल दमाऊं की थाप पर देवनृत्य का आयोजन हुआ। इस दौरान पांडवों के पश्वा अवतरित हुए और ध्याणियों तथा श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। इस दौरान श्रीकृष्ण के पश्वा मोहन सिंह, युधिष्ठिर के कमल सिंह, भीम के हुकुम सिंह, अर्जुन के बाग सिंह, नकुल के धूम सिंह, सहदेव के जितेंद्र सिंह और द्रोपदी के हरि सिंह आदि पश्वाओं ने देवनृत्य किया। इस दौरान आयोजित समिति के दलवीर सिंह, दिनेश असवाल, प्रेम सिंह, डीएस बिष्ट, नरेंद्र सिंह बिष्ट सहित सिलंगी, गनोली, मोली, कांचुला, धल, मैखुरा, घरकूड़ी, सेंज, सुनाली, कंडारा आदि गांवों के ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद थे।
पांडव परिवार ने पूछी भक्तों की कुशलक्षेम
नंदप्रयाग। ग्राम पंचायत मासौं में आयोजित पांडव नृत्य में पांचवें दिन पांडव परिवार ने अपने अस्त्र-शस्त्रों के साथ नृत्य किया। पांडवों ने घर-घर जाकर भक्तों की कुशलक्षेम पूछीं। यहां 14 वर्षों के बाद पांडव नृत्य का आयोजन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में इस धार्मिक आयोजन को लेकर उत्साह बना है। पांडव नृत्य देखने के लिए नंदप्रयाग, मंगरोली, राजबगठी, तेफना, पुरसाड़ी, सोनला क्षेत्र के भक्तगण पहुंच रहे हैं। पांडव नृत्य समिति के अध्यक्ष जयकृत सिंह ने बताया कि यह आयोजन 29 नवंबर तक चलेगा। इस मौके पर दर्शन सिंह, मोहन सिंह, केके सती, सोहन, प्रदीप सती और अब्बल सिंह आदि मौजूद थे।