गोपेश्वर। बाल श्रम दल ने निर्माण कार्यों और प्रतिष्ठानों में काम कर रहे चार बाल मजदूरों को चिह्नित कर पकड़ा। बाल मजदूरी पर संबंधित चार प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध प्राथमिक रिपोर्ट भी दर्ज की गई। साथ ही संचालकों को चिह्नित बाल मजदूरों को उनके मूल निवास स्थान भेजने के निर्देश भी दिए गए।
राष्ट्रीय बाल श्रम योजना के तहत सहायक श्रम आयुुक्त केके गुप्ता के नेतृत्व में ‘बाल श्रम बचाओ दल’ ने गोपेश्वर और चमोली नगर में विभिन्न निर्माण कार्यों व प्रतिष्ठानों में छापेमारी की। इस दौरान अलग-अलग प्रतिष्ठानों में कार्य कर रहे चार बाल मजदूरों को चिह्नित किया गया। सहायक श्रम आयुुक्त केके गुप्ता ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने निर्माणदायी एजेंसियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्य करने वाले श्रमिकों को अधिनियम के तहत दी जाने वाली मूलभूत सुविधाएं देने के भी निर्देश दिए। दल में शामिल हिमाद चाइल्ड लाइन सेवा 1098 के निदेशक उमाशंकर बिष्ट ने कहा कि बाल श्रमिकों की निरंतर संख्या बढ़ती जा रही है। प्रतिष्ठानों के स्वामियों को 18 वर्ष से कम के बच्चों को मजदूरी पर न रखने का साइन बोर्ड भी चस्पा करने के लिए कहा गया। दल में जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष प्रभा रावत, पैराविधिक कार्यकर्ता जयलाल आर्य, बाल संरक्षण इकाई के कार्यकर्ता अनिल नेगी और नीरज नेगी आदि मौजूद थे।