थराली। 25 दिनों की यात्रा के बाद बधाण की मां नंदा देवी रविवार को (आज) अपने अंतिम पड़ाव देवराड़ा मंदिर पहुंचेंगी। यहां पूजा के बाद देवी मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करेंगी। इसके बाद देवी की डोली छह माह तक देवराड़ा मंदिर में रहेगी।
बधाण की मां नंदा की डोली लोक जात यात्रा के लिए घाट के कुरूड़ मंदिर से 30 अगस्त को रवाना हुई थी। 16 सितंबर को वेदनी में पूजा के बाद देवी की डोली वापस वांक गांव होते हुए शनिवार को थराली के ढुंगाखोली गांव पहुंची। देर शाम ढुंगाखोली पहुंची डोली का ग्रामीणों ने परंपरागत स्वागत किया। नंदा को ग्रामीणों और ध्याणियों ने नए अनाज, फल, फूल और शृंगार सामग्री भेंट की। देर रात तक हुए भजन-कीर्तन और जागरण का कार्यक्रम किया गया। नंदा देवी के जयकारों से इस दौरान पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा। रविवार सुबह देवी की यात्रा ढुंगाखोली से लोल्टी होते हुए देवराड़ा के लिए रवाना होगी। इस दौरान पुजारी मंशाराम गौड़, दिनेश जोशी, प्रदीप बुटोला, भास्कर पांडे, गंगादत्त देवराड़ी, हरीश देवराड़ी, मनोज, रमेश पांडे, मोहन दत्त और भगवती प्रसाद आदि मौजूद थे।