देवाल। मुख्य पर्यटन स्थल रूपकुंड ट्रेक मार्ग को पर्यटकों के लिए खोलने को ट्रैकिंग व्यवसाय से जुड़े पांच लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट की ओर से बुग्यालों में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। तब से एक सितंबर से रूपकुंड ट्रेक मार्ग पर पर्यटकों की आवाजाही ठप पड़ी है और कारोबारियों का व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है।
रूपकुंड जाने के लिए पर्यटक को कम से कम तीन दिन बुग्यालों में रात्रि विश्राम करना पड़ता है। ट्रैकिंग व्यवसाय से जुड़े इंद्र सिंह राणा, भुवन बिष्ट, राजू शाह, दिनेश कुनियाल, टैक्सी यूनियन के नरेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि वेदनी और रूपकुंड पर्यटन के साथ धार्मिक स्थल हैं। उन्होंने बुग्यालों के संरक्षण पर सहमति जताते हुए रूपकुंड को पर्यटकों के लिए खोलने की मांग की। ट्रेक रूट बंद होने से सैकड़ों युवाओं के बेरोजगार होने का हवाला देते उन्होंने याचिका में गैरोली पातल और बगुवावासा में रात्रि विश्राम करने की मांग भी की और रूपकुंड जाने के लिए दो रूट खोलने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि एक रूट वाण-गैरोली-बगुवावासा और दूसरा रूट दीदना-अवीन-खरीक है यहां पर रात्री स्टे हो सकता है। दोनों रूट के बेस कैंप से वेदनी और रूपकुंड पहुंचा जा सकता है। इंद्र सिंह राणा ने बताया कि कोर्ट 24 सितंबर को मामले में सुनवाई करेगी।