गोपेश्वर। चमोली जिले के घिंघराण क्षेत्र के रौली-ग्वाड़ में संचालित होम स्टे को देश के टॉप टेन होम स्टे में जगह मिली है। आउटलुक पत्रिका की ओर से जुलाई माह में देशभर में रिस्पोंसेबल टूरिज्म (जिम्मेदार पर्यटन) पर एक सर्वे किया गया थे, जिसमें रौली-ग्वाड़ के होम स्टे को पांचवां स्थान मिला है। होम स्टे संचालित कर रही पूनम को आउटलुक की ओर से सर्वश्रेष्ठ होम स्टे अवार्ड फरवरी माह में दिया जाएगा।
गोपेश्वर से चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित रौली-ग्वाड़ गांव में पोखरी के गुनियाला गांव की पूनम रावत होम स्टे योजना के तहत स्वरोजगार कर रही हैं। पूनम रावत ने वर्ष 1998 में एक जर्मन युवक से शादी की थी। इसके बाद वे जर्मन में ही रहने लगीं, लेकिन अपनी मातृ भूमि के प्रति लगाव उन्हें यहां खींच लाया। वर्ष 2005 में उन्होंने अपने स्वर्गीय पिता मेजर बचन सिंह रावत के नाम पर घिघराण में बचन महिला आश्रम की स्थापना की। उन्होंने करीब आठ साल तक गरीब और असहाय महिलाओं को हस्त शिल्प का प्रशिक्षण दिया। वर्ष 2013 में उन्होंने रौली-ग्वाड़ गांव में बचन चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से होम स्टे योजना शुरू की और क्षेत्र में पहुंच रहे देशी-विदेशी पर्यटकों को होम स्टे की सुविधा देने लगीं। पूनम ने क्षेत्र की आठ विधवा महिलाओं को भी रोजगार मुहैया कराया। वहीं प्रतिवर्ष आउटलुक पत्रिका की ओर से देशभर में रिस्पोंसेबल टूरिज्म पर सर्वेक्षण कराया जाता है, जिसमें देश में पर्यटन के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली संस्थाओं का चयन किया जाता है। इस वर्ष सर्वश्रेष्ठ होम स्टे अवार्ड की टॉप टेन सूची में रौली-ग्वाड़ में संचालित पूनम रावत के होम स्टे को पांचवां स्थान मिला है। आगामी वर्ष फरवरी माह में उन्हें आउटलुक की ओर से सर्वश्रेष्ठ होम स्टे का अवार्ड दिया जाएगा। पूनम कहती हैं कि होम स्टे योजना से वे आगे भी महिलाओं को रोजगार देने का काम करेंगी। पांच सालों में यहां करीब 800 देशी-विदेशी पर्यटक होम स्टे योजना का लाभ ले चुके हैं।
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जल्द होगी इको विलेज की स्थापना
गोपेश्वर। होम स्टे के साथ ही पूनम रावत ने जिले के पर्यटन क्षेत्र मंडल घाटी के कोटेश्वर गांव में इको विलेज की स्थापना करने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से भूमि भी क्रय कर ली है। इको विलेज में स्थानीय महिलाओं को हस्तशिल्प का रोजगार दिया जाएगा, जो भी पर्यटक यहां सैर-सपाटे पर पहुंचेंगे, उन्हें यहां के हश्त शिल्प से भी रु-ब-रु कराया जाएगा।
होम स्टे योजना ग्रामीणों की आजीविका से जोड़ने की योजना है। जिले के उर्गम, जोशीमठ, मंडल, घिंघराण, देवाल, थराली क्षेत्रों में ग्रामीणों को होम स्टे योजना के लिए प्रेेरित किया जा रहा है। रौली-ग्वाड़ क्षेत्र में पूनम रावत की ओर से संचालित होम स्टे से लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिए। - विजेंद्र पांडे, जिला पर्यटन अधिकारी, चमोली।