फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिनभर अपनी माता मूर्ति के सानिध्य में रहे भगवान बदरीनाथ-compat

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
गोपेश्वर। बामन द्वादशी के पर्व पर शुक्रवार को भगवान बदरीनाथ माता मूर्ति से मिलने माणा गांव पहुंचे। दिनभर माता मूर्ति के सानिध्य में रहने के बाद शाम करीब चार बजे भगवान बदरीनाथ अपने धाम में विराजमान हुए। इस दौरान करीब 8000 श्रद्धालुओं ने माता मूर्ति के दर्शन किए। भगवान बदरीनाथ का अपराह्न का भोग भी माता मूर्ति मंदिर में लगाया गया। माणा गांव दिनभर बदरीविशाल के जयकारों से गुंजायमान रहा।
शुक्रवार को बदरीनाथ धाम में बाल भोग लगने के बाद सुबह करीब नौ बजे बदरीश पंचायत से भगवान बदरीनाथ के प्रतिनिधि के रुप में उद्धव जी की प्रतिमा को सभा मंडप में लाया गया। यहां से उद्धव जी की उत्सव डोली ने अपने भक्तों के साथ माणा गांव स्थित माता मूर्ति मंदिर के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान बदरीनाथ से रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, अपर रावल शंकर नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह, माता मूर्ति के पुजारी हनुमान प्रसाद, पूर्व विधायक मोहन सिंह गांववासी के साथ ही सैकड़ों भक्त भी उद्धव जी के साथ करीब तीन किमी की पैदल दूरी तय कर माता मूर्ति मंदिर पहुंचे। माणा गांव की महिलाओं ने भगवान बदरीनाथ को हरियाली भेंट की। माता मूर्ति मंदिर में बदरीनाथ के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने पूजा-अर्चना संपन्न की। बदरीनाथ में अपराह्न में लगने वाला भोग भी माता मूर्ति मंदिर में लगाया गया। माता मूर्ति मंदिर में माणा गांव के आराध्य देव भगवान घंटाकर्ण की उत्सव डोली भी पहुंची। आईटीबीपी, गढ़वाल स्काउट और बीकेटीसी की ओर से माता मूर्ति मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान माणा की महिला मंगल दल अध्यक्ष मीनू मोल्फा, दिवाकर चमोली, अजय सती, हरीश डिमरी, भाष्कर डिमरी, राजेंद्र चौहान, एमपी सती, राजेश मेहता, पीतांबर मोल्फा भी मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


आज भी माता को दिए वचन का निर्वहन कर रहे बदरीनाथ
बदरीकाश्रम क्षेत्र में नारायण पर्वत की तलहटी में माता मूर्ति का मंदिर स्थित है। मान्यता है कि आदिकाल में भगवान बदरीनाथ जब बदरीकाश्रम क्षेत्र में तपस्यारत थे तो अपने बेटे को मिलने के लिए माता मूर्ति और पिता धर्म बदरीनाथ धाम पहुंचे। तब भगवान बदरीनाथ ने प्रतिवर्ष बामन द्वादशी को माता मूर्ति से मिलने के लिए आने का वचन दिया था। आज भी बदरीनाथ अपनी माता को दिए वचन का निर्वहन करते आ रहे हैं। धाम में नारायण पर्वत की तलहटी को माता मूर्ति तो भीम पुल से बसुधारा तक के क्षेत्र को धर्म क्षेत्र कहा जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें