ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। इनवेस्टर समिट के बहाने ही तीर्थनगरी की सड़कें भी चमकने जा रही हैं। सरकार की ओर से एक करोड़ 85 लाख रुपये की धनराशि सड़कों और पुलों को चमकाने के लिए जारी की है। लोक निर्माण विभाग से लेकर नगर पालिका तक को मार्गों की मरम्मत व रंगरोगन कराने के लिए कहा है, जिस पर विभागीय अधिकारियों ने काम भी शुरू कर दिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक अगले माह सात अक्तूबर को देहरादून में दो दिवसीय इंटरनेशनल इन्वेस्टर समिट प्रस्तावित है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समिट का शुभारंभ करने के लिए देश-दुनिया के उद्योगपतियों के बीच पहुंचेंगे। समिट में शामिल होने वाले विदेशी उद्योगपतियों का मुनिकीरेती स्थित जीएमवीएन के गंगा रिजॉर्ट विश्राम गृह में रुकने का कार्यक्रम है। लिहाजा, विदेशी उद्योगपतियों को सड़क पर एक भी हिचकोला नहीं खाना पड़े, इसके लिए सरकार ने करीब पौने दो करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी, लोक निर्माण विभाग नेशनल हाईवे, सिंचाई विभाग और नगर पालिका को दिए जाने का फैसला लिया है।
इस धनराशि से तमाम सड़कों की मरम्मत की जाएगी। इसके अलावा पुलों पर रंगरोगन के साथ ही साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। हालांकि, अभी उक्त धनराशि विभागों के खातों तक नहीं पहुंची है, लेकिन सरकार ने उक्त कार्यों को कराने के लिए हरी झंडी दे दी है। सभी कार्यों को पूरा करने के लिए पांच अक्तूबर तक की समय सीमा भी तय कर दी गई है।
ऋषिकेश क्षेत्र में होंगे यह कार्य
ऋषिकेश। इंटरनेशनल समिट के लिए ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत की जानी है, जिसमें ऋषिकेश देहरादून मार्ग पर जौलीग्रांट एयरपोर्ट से दूनमार्ग स्थित नटराज चौक तक रिपेयिरंग कार्य, गंगोत्री राजमार्ग पर नटराज चौक से भद्रकाली तक, भद्रकाली से मुनिकीरेती बाईपास मार्ग, बदरीनाथ हाईवे पर मुनिकीरेती से चंद्रभागा पुल, मुनिकीरेती नगर पालिका की कैलासगेट से गंगा रिजॉर्ट एप्रोच रोड और सिंचाई विभाग की चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड रोड की मरम्मत आदि शामिल हैं।
विदेशियों को सुविधा, अपनों की फिक्र नहीं
ऋषिकेश। राज्य सरकार ने पीडब्ल्यूडी की ऋषिकेश अस्थायी डिवीजन को वार्षिक रिपेयरिंग मद में अभी तक एक फूटी कौड़ी तक नहीं दी है, जिससे मरम्मत के अभाव में हरिद्वार बाईपास मार्ग से लेकर अन्य कई महत्वपूर्ण सड़कों की हालत अत्यधिक खराब है, जिसके चलते तीर्थनगरी में आध्यात्मिक यात्रा व सैर सपाटे के लिए आने वाले लाखों देसी विदेशी सैलानियों को कष्टकारी यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है। दूसरी ओर विदेशी उद्योगपतियों के लिए सरकार ने सरकारी खजाना खोल दिया है, इतना ही नहीं स्थानीय लोग रोज इन्हीं सड़कों पर लंबे वक्त से हिचकोलों के बीच जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
किस विभाग को कितनी रकम
पीडब्ल्यूडी ऋषिकेश- 55 लाख रुपये
पीडब्ल्यूडी नरेंद्रनगर- 10 लाख रुपये
सीमा सड़क संगठन- 10 लाख रुपये
एनएच श्रीनगर डिवीजन- 15 लाख रुपये
नगर पालिका मुनिकीरेती- 10 लाख रुपये
सिंचाई विभाग- 30 लाख रुपये
एनएच डोईवाला डिवीजन- 55 लाख रुपये
कोट्स
इन्वेस्टर समिट के लिए सड़कें व अन्य व्यवस्थाएं सुधारने के लिए धनराशि जारी की गई है। व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए संबंधित विभागों के लिए समय सीमा भी तय की गई है।
- मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री, उत्तराखंड।