फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भागवत कथा में निहित में जीवन जीने का सार

विज्ञापन
विज्ञापन
डोईवाला। भागवत कथा सुनने और चिंतन से जीवन में पाप कर्म से मुक्ति मिलती है। भजन करने से आत्मविश्वास बढ़ता है। कथा केवन सुनने के लिए नहीं वरन अपने जीवन में आत्मसात करने के लिए है।
विज्ञापन

ये बातें कथा वाचक आदित्यानंद महाराज ने बुधवार को श्री राधे ट्रस्ट धाम और स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के समापन अवसर पर कहीं। आदित्यानंद महाराज ने कहा कि जो लोग बाकी दिनों की कथा नहीं सुन सके। उनको अंतिम कथा से पुण्य लाभ मिल सकता है। इस दौरान उन्होंने श्रीकृष्ण सुदामा मित्रता का प्रसंग सुनाया। समापन पर उन्होंने श्रद्धालुओं से माता पिता का आदर करने, सूर्य को अर्ध्य देने, भगवान को भोग लगाने, गाय को रोटी देने का आह्वा किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने यज्ञ में पूर्णाहुति डाली और हरिनाम संकीर्तन हुआ। इस अवसर पर अनिल चौहान, नीरज गुप्ता, विजय बख्शी, राजबीर सिंह खत्री, ईश्वरचंद अग्रवाल, अश्वनी गुप्ता, नीलम गोयल, संगीता अग्रवाल, रोशन लाल अग्रवाल, सुबोध जिंदल, रीना गुप्ता, बीडी ममगाईं, मंजू जोशी, विदुषी शर्मा, कमलेश यादव,रोमा जिंदल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें