ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। उत्तराखंड भाषा मंच की ओर से प्रदेश की भाषाओं के संवर्धन को लेकर मंच की भावी योजनाओं को लेकर प्रेसवार्ता आयोजित की गई। चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड स्थित प्रेस क्लब में आयोजित वार्ता में मंच के प्रदेश संयोजक राजीव थपलियाल कहा कि किसी भी राष्ट्र की पहचान और विकास में उसकी मातृभाषा का अहम योगदान होता है। लिहाजा प्रदेश के विकास के लिए लोकभाषा का प्रचार प्रसार जरूरी है। इसके लिए उत्तराखंड की गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी आदि लोकभाषाओं के संवर्धन के लिए मंच सतत रूप से कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि भाषाओं के प्रसार के लिए सरकार को शिक्षण संस्थानों में गढ़वाली भाषा सिखाने, परीक्षाओं मेें लोकभाषा से संबंधित प्रश्न, उत्तराखंडी लोकभाषा के अनुवाद की व्यवस्था, मूल खेलों को राज्य स्तर पर मान्यता आदि प्रयास करने होंगे, जिससे लोक बोली, भाषा व संस्कृति को बढ़ावा मिल सके। मंच के प्रदेश प्रवक्ता चित्रमणि देशवाल ने कहा कि लोकभाषा के संवर्धन के लिए सबसे पहले प्रत्येक जिले में मंच के संयोजक व संरक्षक के साथ ही गढ़वाल, कुमाऊं और मैदानी क्षेत्रों में भी इसी तरह के प्रयास होंगे। जो भाषा मंच के कार्य को गति देंगे। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को मंच नगर में विचार गोष्ठी का आयोजन करेगा, जिसमें पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का भावपूर्ण स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस दौरान सहसंयोजक विनोद जुगलाण, रमेश रावत, अनिल बहुगुणा, अनंत थपलियाल आदि मौजूद थे।