फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भक्तों से विदा लेकर कैलाश के लिए रवाना हुई मां नंदा

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो
विज्ञापन


घाट (चमोली)। बधाण और दशोली की मां नंदा बृहस्पतिवार को भक्तों से विदा लेकर कैलाश के लिए रवाना हुईं। नंदा भक्तों ने जागर गाकर मां नंदा को विदा किया और ध्याणियों ने शृंगार सामग्री भेंट की। मां नंदा की विदाई पर महिलाएं भावुक हो गईं। दशोली की मां नंदा पहले रात्रि प्रवास के लिए शाम को धरगांव पहुंचीं, जबकि बधाण की नंदा की डोली चरबंग गांव पहुंचीं। दोनों गांवों में मां नंदा का भक्तों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को सुबह छह बजे से मां नंदा के सिद्धपीठ कुरुड़ में पूजा शुरू हुई। आचार्य ब्राह्मण मुंशी चंद्र गौड़, योगेश्वर, मनोहर प्रसाद, धनीराम, विजय प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद, ललिता प्रसाद और मंशाराम गौड़ ने नंदा की डोलियों पर वेद मंत्रों से शक्ति चढ़ाई। अपराह्न दो बजे तक मां नंदा की विशेष पूजा हुई। तीन बजे दशोली और बधाण की मां नंदा की डोलियों का शृंगार किया गया। इसके बाद दो घंटे तक भक्तों ने मां नंदा के दर्शन किए और पूजा की। इस दौरान थराली की विधायक मुन्नी देवी शाह ने भी मंदिर में मत्था टेका। चरबंग गांव के भूमियाल देवता ने पश्वा पर अवतरित होकर भक्तों को आशीर्वाद दिया और शाम करीब पांच बजे ढोल-दमाऊं की थाप और भाणा-भंकोरों के साथ मां नंदा को कैलाश के लिए विदा किया गया। कुरुड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष मंशाराम गौड़ ने बताया कि 16 सितंबर को दशोली की मां नंदा बालपाटा और बधाण की नंदा की डोली बेदनी बुग्याल पहुंचेगी। यहां दोनों डोलियों की नंदा सप्तमी की पूजा होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें