ब्यूरो/अमर उजाला डोईवाला। जैव ईंधन से विमान के सफलतापूर्वक उड़ान भरने के साथ ही आम लोगों का कम दरों में हवाई यात्रा का सपना जल्द साकार होगा। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से दिल्ली तक स्पाइसजेट के विमान के उड़ान भरने के बाद अब दूसरी विमानन कंपनियां भी जैव ईंधन का उपयोग करने की तैयारी कर रही हैं। ऐसा संभव होने पर हवाई यात्रा आम लोगों की जद में आ जाएगी।
विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों से जहां घरेलू विमानन कंपनियों की वित्तीय हालत खराब कर रही है। वहीं, स्पाइसजेट के विमान ने जैव ईंधन से उड़ान लेकर दोबारा उत्साह भर दिया है। खास बात यह है कि भारत जैसे देश में आम लोगों को जैव ईंधन सस्ती हवाई यात्रा उपलब्ध करा देगा। अभी भी देश में आम लोग हवाई यात्रा मंहगी होने से इसका लाभ नहीं उठा पर रहे हैं। भारत जैसे विकासशील देश में जैव ईंधन का उपयोग हवाई सेवाएं बड़ा परिवर्तन लेकर आएगा।
जैव ईंधन के व्यापक प्रयोग होने पर मुख्य नगरों में छोटे हवाई अड्डे बनाकर कनेक्टिविटी बनाई जा सकती है। एयरपोर्ट निदेशक विनोद शर्मा ने बताया कि जैव ईंधन के उपयोग से देश में सस्ती हवाई सेवाओं का द्वार खुल रहा है। जैव ईंधन के प्रयोग से 80 प्रतिशत कार्बन का उत्सर्जन रोका जा सकता है। जैव ईंधन से यात्रा सस्ती होने के अलावा पर्यावरण मित्र भी बन सकेगा।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट ने दी हरसंभव मदद
जैव ईंधन से स्पाइसजेट के विमान को जौलीग्रांट एयरपोर्ट से उड़ान भरने के लिए एयरपोर्ट अथारिटी के अधिकारियों ने हर स्तर पर मदद दी। रविवार को टेस्ट फ्लाइट से लेकर अन्य व्यवस्थाएं जुटाने में अधिकारी लगे रहे। एयरपोर्ट निदेशक विनोद शर्मा ने सभी व्यवस्थाओं को पुख्ता रखा था। निदेशक विनोद शर्मा ने बताया कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट से जैव ईंधन से देश में पहली बार उड़ान भरने से सभी उत्साहित हैं।
कोट्स
स्पाइसजेट ने पहल कर अपने विमान को बायोजेट फ्यूल से उड़ाया है, जिससे कंपनी उत्साहित है। जैव ईंधन की उड़ान के सफल प्रयोग संबंधी डॉयरेक्टर जनरल सिविल एविएशन (डीजीसीए) और अन्य विमानन कंपनियों को भी अवगत कराया गया है। फ्यूल कपंनियों को भी आईआईपी द्वारा विकसित जैव ईंधन से बताएंगे।
- जीबी गुप्ता, चीफ स्ट्रेटजी आफिसर, स्पाइसजेट।