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शिक्षकों की कमी से जूझ रहा जनजातीय क्षेत्र

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ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
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जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहा है। वर्तमान में कालसी और चकराता प्रखंड में एलटी शिक्षकों के 70 और प्रवक्ताओं के 76 पद रिक्त पड़े हुए हैं। ऐसे में शिक्षकों की भारी कमी के चलते छात्र मॉडल और गाइडों के सहारे भविष्य का ताना बाना बुनने को मजबूर हैं। कई ऐसे भी स्कूल हैं जहां पर एक भी एलटी और प्रवक्ता की तैनाती नहीं है। ऐसे में यह स्कूल शिक्षकों के अभाव में महज सफेद हाथी साबित हो रहे हैं।
चकराता प्रखंड की बात की जाए तो यहां पर स्वीकृत 16 हाईस्कूल और 18 इंटर कॉलेजों में एलटी के 49 और प्रवक्ताओं के 51 पद रिक्त पड़े हैं। वहीं, कालसी प्रखंड में स्वीकृत 20 हाईस्कूल और 14 इंटर कॉलेजों में एलटी के 21 और प्रवक्ता के 24 पद खाली हैं।
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बमराड़ के प्रधान रणवीर सिंह चौहान, समाल्टा हाईस्कूल के पीटीए अध्यक्ष संसार सिंह तोमर आदि लोगों का कहना है कि कई बार शिक्षक तैनाती की मांग पर विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन हर बार उन्हें शिक्षकों की कमी की बात कह टरका दिया जाता है। बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर जा रहा है। छात्र गाइड और मॉडलों के सहारे पढ़ाई को मजबूर हैं। गणित, विज्ञान विषय की तैयारी के लिए ट्यूशन लगाना पड़ रहा है। उन्होंने शीघ्र शिक्षकों की तैनाती नही किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। मालूम हो कि कालसी ब्लॉक में एलटी के कुल 458 और प्रवक्ता के 251 पद स्वीकृत हैं। वहीं चकराता में एलटी शिक्षकों के 237 और प्रवक्ताओं के 142 पद स्वीकृत हैं।

इन स्कूलों में रिक्त शिक्षकों के पद
जनजातीय क्षेत्र अंतर्गत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मटियावा, कांडोईधार, रिखाड़, उद्पाल्टा, अस्टाड़, रूपऊ, कनबुआ, क्यारी, कामला, हयो टगरी, पिपाया, धोईरा, समाल्टा, जीआईसी कुन्ना डागूरा, नागथात, कच्छटा गांगरौ, नगऊ खेत और साहिया समेत कई स्कूलों में एलटी और प्रवक्ताओं के पद रिक्त पड़े हैं।

प्रधानाचार्यों का भी टोटा
जौनसार बावर के स्कूल एलटी और प्रवक्ताओं के साथ ही प्रधानाचार्यों की कमी से भी जूझ रहे हैं। कालसी प्रखंड की बात की जाए तो यहां स्वीकृत 16 हाईस्कूलों में से पांच स्कूल में प्रधानाचार्य नहीं है। वहीं इंटर कॉलेजों में भी कमोवेश यही हालात हैं। यहां स्वीकृत 18 इंटर कॉलेजों में 12 में प्रधानाचार्य नहीं है।
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वर्तमान में विभाग में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए शासन को फाइल भेजी गई है। उम्मीद है कि 10-15 दिन के भीतर कुल हल निकल जाए। - आरके कुंवर, निदेशक शिक्षा विभाग
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