ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
बदहाल सिस्टम पर तहसील प्रशासन की नींद टूट गई। बीते सप्ताह आयोजित हुए पटवारी दिवस में जहां गिने-चुने ही पटवारी तहसील पहुंचे थे, वहीं इस बार आयोजित पटवारी दिवस की सूरत बदली नजर आई। ग्रामीण और दूर दराज क्षेत्र के इलाकों से तहसील में पहुंचे लोगों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ा। सभी पटवारी तहसील में ही मौजूद मिले। जिससे जमीन और अन्य कामकाज को तहसील पहुंचे लोगों को खासा राहत मिली।
मालूम हो कि बीते पटवारी दिवस पर तहसील परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ था। खाली कुर्सी और मेज देख शिकायत को दूर-दराज के इलाकों से तहसील पहुंचे लोगों को निराश लौटना पड़ा था। खबर को अमर उजाला ने 29 जून के अंक में पटवारी दिवस पर पटवारी ही गायब शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद हरकत में आए तहसील प्रशासन ने सभी पटवारियों को पटवारी दिवस पर तहसील में मौजूद रहने के निर्देश दिए थे। जिसके चलते इस बार आयोजित हुए पटवारी दिवस में लोगों को अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ा। मालूम हो कि लोगों की समस्याओं का निस्तारण एक दिन तहसील में ही करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से हर बृहस्पतिवार को पटवारी दिवस का आयोजन किया जाता है। विकासनगर तहसील क्षेत्र में करीब 30 पटवारी हैं। लेकिन बीते सप्ताह आयोजित पटवारी दिवस में इन पटवारियों में ज्यादातर पटवारी गायब थे। एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया कि सभी पटवारियों को पटवारी दिवस पर तहसील में ही मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।