ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
रविवार की छुट्टी पर सैकड़ों की संख्या में पर्यटकों ने सैर सपाटे के लिए चकराता का रुख किया तो वाहनों के आड़े-तिरछे खड़े होने से साहिया बाजार में जाम की स्थिति पैदा हो गई। करीब दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान लोगों को आवाजाही में खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। काफी देर बाद तहसील प्रशासन का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों ने खुद की जाम खुलवाने के लिए सड़क पर उतरना पड़ा।
लोगों का कहना है कि राजस्व पुलिस की उदासीनता के चलते आए दिन साहिया बाजार में जाम के हालात पैदा हो रहे हैं। पर्यटन सीजन के कारण सड़क पर वाहनों का दबाव भी बहुत बढ़ गया है। ग्राम प्रधान मोहन शर्मा का कहना है कि कई बार वह उक्त मामले में डीएम, एसडीएम को पत्र लिख चुके हैं। तहसील दिवस में भी जाम का मुद्दा उठाया जा चुका है, लेकिन हर बार उन्हें शीघ्र कार्रवाई की बात टाल दिया जाता है। साहिया नेवी के प्रधान सतपाल राय, रविंद्र तोमर, अंतराम जोशी, आनंद सिंह आदि का कहना है कि पर्यटन सीजन के साथ ही सोमवार को क्षेत्र में चालदा महासू देवता का जागड़ा भी है। जिस कारण सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। लोगों को जाम की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए बाजार में होमगार्ड की तैैनाती होनी चाहिए। वाहनों को आड़े-तिरछे खड़े करने वालों का चालान भी कटना चाहिए। उधरश् उपजिलाधिकारी कालसी बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि मामले में संबंधित राजस्व उपनिरीक्षक को निर्देशित किया गया है। आडे-तिरछे वाहन लगाने वालों और सड़क पर अतिक्रमण करने वालों के चालान काटने के निर्देश दिए गए हैं।