ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
लोक निर्माण विभाग की बेरुखी से हताश हईया समेत आसपास के एक दर्जन से भी अधिक गांव के लोगों ने खराब सड़क की मरम्मत खुद करके सरकारी सिस्टम को आईना दिखाने का काम किया है। सड़क 15 दिन पहले हुई तेज बारिश में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी और 15 दिनों से इस सड़क पर आवागमन पूरी तरह से ठप था।
ग्रामीणों के अनुसार 15 दिन पहले हुए तेज बारिश के दौरान हईया-ककाड़ी-पंजिया मोटर मार्ग की सुरक्षा दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके अलावा कई स्थानों पर सड़क खतरनाक तरीके से टूट गई थी। इसके चलते हईया, अलसी, सकनी, कनबुआ, ककाड़ी, लुंवाठा, पंजिया, बनसार, बणिया, पिशोगी समेत एक दर्जन से अधिक गांव का संपर्क एक-दूसरे के अलावा साहिया आदि अन्य संपर्क मार्गों से भी कट गया। कुछ गांवों के लोग वाया हमराड़ होते हुए साहिया तक आ-जा रहे थे, लेकिन कई गांवों का संपर्क अभी कटा हुआ था। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत लोक निर्माण विभाग समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद ग्रामीणों ने श्रमदान कर सुरक्षा दीवार व सड़क बनाने के निर्णय किया। ग्रामीणों ने रविवार को करीब पांच से छह घंटे की मेहनत के बाद सड़क को दुरुस्त कर ली। श्रमदान करने वाले शांति सिंह पंवार, दीप सिंह पंवार, राजेंद्र सिंह बिष्ट, सरदार सिंह बिष्ट, अंतराम बिष्ट, कुंदन सिंह बिष्ट, दिनेश सिंह बिष्ट, अमर सिंह बिष्ट, सुल्तान सिहं बिष्ट, बबलू, जसपाल पंवार, कुंदन सिंह पंवार, अमित बिष्ट आदि का कहना है कि क्षतिग्रस्त सड़क के बाबत अधिकारियों के बेरुखे रवैये के बाद यह निर्णय लेना पड़ा। वहीं लोनिवि साहिया के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह का कहना है कि जेई और एई को टूटी सड़क के खतरनाक हिस्सों को चिह्नित कर पक्का निर्माण के निर्देश दिए गए हैं।