फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अतिवृष्टि से बढ़ा हेंवल का जलस्तर, दो पर्यटक टापू में फंसे

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
विज्ञापन

बीती रात अतिवृष्टि के कारण शिवपुरी क्षेत्र में हेंवल नदी का जलस्तर बढ़ने से दिल्ली के दो पर्यटक टापू में फंस गए, जिन्हें एसडीआरएफ व मुनिकीरेती थाना पुलिस ने देर रात रेस्क्यू कर सुरक्षित बचा लिया। इस दौरान नदी के तेज बहाव में एक कार व एक बाइक बह गई। पुलिस के अनुसार क्षतिग्रस्त कार को बरामद कर लिया गया है जबकि बाइक का पता नहीं चल पाया। बहाव के चलते नदी के दूसरे ओर फंसे 40 वाहनों को टीम ने शुक्रवार को दोपहर में बड़ी मुश्किल से निकाला।
थाना मुनिकीरेती पुलिस के अनुसार बीती रात अतिवृष्टि के चलते शिवपुरी में हेंवल नदी का जलस्तर बढ़ने से दिल्ली के दो पर्यटक नदी के बीचों बीच बने टापू में फंस गए। दोनों ओर पानी बढ़ते देख उन्होंने आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई। इस दौरान ऐहतियातन बीच कैंपों को खाली कराने में जुटी मुनिकीरेती पुलिस व एसडीआरएफ की टीम ने करीब दो घंटे रेस्क्यू करने के बाद सुभम पुत्र महक सिंह व नरोहित त्यागी पुत्र नित्यानंद त्यागी दोनों निवासी गली ने 25 हर्ष विहार कॉलोनी दिल्ली को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
विज्ञापन

थानाध्यक्ष आरके सकलानी व वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजीत कुमार ने बताया कि हेंवल के तेज बहाव की चपेट में आकर पर्यटकों की एक कार व एक बाइक बह गई थी। जबकि पर्यटकों के 40 अन्य वाहन नदी के दूसरे ओर लगे कैंप के आसपास फंस गए थे। उन्होंने बताया कि नदी के दूसरी ओर फंसे पर्यटकों के करीब 40 अन्य वाहनों को शुक्रवार को दोपहर में बामुश्किल निकाला जा सका।

मानसून तक लगाई बीच कैंपों पर रोक
ऋषिकेश। टिहरी जिला प्रशासन बीती रात हुई अतिवृष्टि से हेंवल नदी के जलस्तर बढ़ने से बीच कैंपों के बहने व वाहनों के फंसने की घटना के मद्देनजर हरकत में आ गया है। प्रशासन ने मानसून तक शिवपुरी क्षेत्र में हेंवल नदी के आसपास लगने वाले बीच कैंपों के संचालन पर रोक लगा दी है। उपजिलाधिकारी नरेंद्रनगर लक्ष्मी राज चौहान ने बताया कि बृहस्पतिवार रात हुई अतिवृष्टि से हेंवल का जलस्तर अप्रत्याशित तौर पर बढ़ गया था, जिससे क्षेत्र में कई बीच कैंप बह गए, साथ ही पर्यटकों के कई वाहनों को क्षति पहुंची है। लिहाजा पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर नदी के किनारे बीच कैंपों के संचालन पर मानसून तक पाबंदी लगा दी गई है। उन्होंने चेताया कि निर्देश का उल्लंघन करने वाले बीच कैंप संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


जलस्तर बढ़ने से कई कैंप बहे
पूर्व जिला पंचायत सदस्य सरदार सिंह पुंडीर ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने से कठ्या में स्थापित करीब 18 बीच कैंप में से दर्जन भर से अधिक कैंप बह गए। उन्होंने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ते देखकर कैंप संचालकों द्वारा अपने कैंप खाली करा दिए गए थे और पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया था। हेंवल का जलस्तर बढ़ने से वैली माउंटेन बीच कैंप को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। नदी के बहाव में कैंप के 14 टैंट, रजाई, गद्दे, पलंग, पर्दे आदि बह गए। जबकि हिमालयन डिस्कवरी कैंप के 10 टैंट व अन्य सामान, कैंप संचालक राम सिंह भंडारी के 15 टैंट व अन्य सामग्री हेंवल नदी के बहाव में समा गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें