देवप्रयाग। नमामि गंगे परियोजना के तहत वन विभाग की ओर से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें बताया गया कि कार्यक्रम के तहत गंगा व उसकी सहायक नदी तटों पर 550 हेक्टेयर भूमि पर 51 लाख पौध का रोपण किया जाएगा।
सोमवार को तहसील सभागार में ब्लाक प्रमुख जयपाल पंवार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वन विभाग की ओर से गंगा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। बैठक में उप वन संरक्षक डीपी बलूनी ने मणिकनाथ व शिवपुरी रेंज के गंगा क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। बताया कि नमामि गंगे के तहत उक्त रेंजों के 550 हेक्टेयर भूमि पर 51 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा, जिसमें उत्तराखंड के गोमुख से हरिद्वार तक कि 250 किमी गंगा क्षेत्र व 11 सहायक नदी तटों में पौधरोपण किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत एक हेक्टेयर में एक हजार पौधे लगाए जाएंगे, जिसमें चार सौ झाड़ीदार व 200 औषधि प्रजाति के पौध शामिल होंगे। रेंजर केएस रावत ने बताया कि सौ हेक्टेयर गंगा क्षेत्र में वनीकरण का कार्य हो चुका है। बैठक में पर्यावरण मित्र विलेश्वर झलड़ियाल ने बाहरी क्षेत्रों से आने वाले मजदूरों द्वारा नदी तटों को प्रदूषित करने का मामला उठाया। इस मौके पर प्रभारी तहसीलदार हरिहर उनियाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य कृष्णकांत कोटियाल, सतीश चंद्र बिजल्वाण, विजय पाल पंवार, गिरीश बर्थवाल, सुखदेव बलूनी, रविंद्र रावत, नव प्रभात, विजय सजवाण के साथ ही वन पंचायत प्रतिनिधि, ग्राम प्रधान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोग मौजूद थे।