गोपेश्वर। पर्यावरणविद चंडी प्रसाद भट्ट ने गांवों से हो रहे पलायन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गांवों का मानवविहीन होना पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरनाक है। खाली होते जा रहे गांवों से अब पर्यावरण का संतुलन बिगड़ने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार को पलायन पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
यहां सीपीबी पर्यावरण एवं विकास केंद्र की ओर से पोखरी के कुलेंडु गांव में आयोजित वन एवं पर्यावरण शिविर में चंडी प्रसाद भट्ट ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि गांवों की प्रगति के लिए महिलाओं को आगे आने की जरूरत है। शिविर में पहुंचे मुख्यमंत्री के वैैज्ञानिक सलाहकार डा. नरेंद्र सिंह ने कहा कि पलायन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने का काम कर रही है। युवाओं को कृषि व उद्यान को स्वरोजगार के रूप में अपनाना चाहिए। इस दौरान सीपीबी पर्यावरण एवं विकास केंद्र की ओर से क्षेत्र के 120 किसानों को लौह अयस्क हल भी बांटे गए। इस मौके पर केंद्र के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश भट्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य माहेश्वरी देवी, विनय सेमवाल, अनुसूया प्रसाद, सतेंद्र भंडारी, अब्बल सिंह, राजपाल सिंह, कुंवर सिंह, सतेंद्र सिंह, कैलाश सिंह, देवेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, चंद्रमोहन और सुनील सिंह आदि मौजूद थे। इसके बाद चंडी प्रसाद भट्ट ने कलसिर, पाटी, जखमाला, श्रीगढ़, गुड़म, सिदेली और कुलेंडु गांव का भ्रमण भी किया।