श्रीनगर। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की ओर से टीबी (क्षय रोग) की जागरूकता पर बनाए गए वीडियो ने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। जबकि उत्तराखंड/उत्तर प्रदेश की संयुक्त मेरिट सूची में श्रीनगर का पहला नंबर रहा है।
कम्युनिटी मेडिसिन के डॉक्टरों के संगठन इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रीवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन (आइएपीएसएम) ने टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने के मकसद से इस वर्ष सभी कॉलेजों को वीडियो बनाकर यूट्यूब में अपलोड करने के लिए कहा था। देश भर के 141 मेडिकल कॉलेजों के कम्युनिटी विभाग के छात्र-छात्राओं ने वीडियो बनाकर यूट्यूब में अपलोड किया। दर्शकों की संख्या के आधार पर पहले स्थान पर हिमालय प्रदेश का राजकीय मेडिकल कॉलेज शिमला रहा है। जबकि दूसरा स्थान तेलांगना के सीए राव मेडकिल इंस्टीट्यूट करीम नगर को मिला। जबकि उत्तराखंड के राजकीय मेडिकल कॉलेज को तीसरी रेकिंग मिली। कम्युनिटी विभागाध्यक्ष प्रो. अमित कुमार सिंह ने बताया कि एमबीबीएस प्रथम बैच के छात्र-छात्राओं ने एमडीआर (जिस रोगी पर सामान्य टीबी की दवा असर नहीं करती है) टीबी डॉन्ट पेनिक इट्स क्योरेवल यानि कि क्षय रोग से घबराए नहीं, इसका इलाज संभव है, विषय पर वीडियो बनाया है। विभाग के सहायक प्रोफेसर डा. वेकेंट शिवारेड्डी इसके समन्वयक हैं। वीडियो के किरदार, निर्देशन व पटकथा सभी एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं का है। इसमें जयंत जैन, हर्षिता काला, मनीष मीणा, लता बोहरा, हिमानी प्रसाद, कनिका कुकरेती, पूजा घांघरिया, हिमाद्री पालीवाल व अंकुर कुमार ने अभिनय किया है।