ब्यूरो/अमर उजाला/चकराता।
राज्य में दो बड़ी योजनाएं वीर शहीद केसरी चंद और शहीद दुर्गा मल्ल के नाम पर चलाई जाएंगी। शहीद जाति या क्षेत्र विशेष के नहीं होते बल्कि वह संपूर्ण देश के होते हैं। शहीद ऐसी विभूतियां होती हैं, जिनका दुश्मन भी सम्मान करते हैं। यह बातें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रामताल गार्डन में वीर केसरी चंद की पुण्यतिथि पर आयोजित मेले के शुभारंभ के दौरान कहीं।
बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि राज्य में सभी को नौकरी दे पाना मुश्किल है। ऐसे में नौजवानों को स्वरोजगार से जुड़ना चाहिए। युवा स्वरोजगार की ओर बढ़ सकें, इसके लिए प्रदेश में पिरूल नीति लागू करने के साथ ही महिलाओं को एलईडी उपकरणों को बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। अब तक भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई कार्रवाई में 30 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। छात्रों को सस्ती और सुलभ शिक्षा मुहैया हो सके। इसके लिए राज्य में एनसीईआरटी किताबों को लागू किया गया है।
मेले में लोक संस्कृति के कई रंग भी देखने को मिले। सरस्वती शिशु मंदिर के छात्रों ने घोष के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मेला समिति के संरक्षक टीकाराम शर्मा, अध्यक्ष राजेंद्र चौहान, मिल्की राम जोशी, राजेंद्र जोशी ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया।
विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए सबको मिलकर कार्य करने की जरूरत है। कार्यक्रम में भाजपा नेता मूरतराम शर्मा, प्रताप रावत, दौलत कुंवर, अर्जुन सिंह चौहान, रणवीर सिंह आदि ने भी विचार रखे। संचालन चंद्रमोहन जोशी ने किया। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, राजवीर सिंह तोमर, रणवीर सिंह तोमर, चंद्रशेखर जोशी, पूर्व मंत्री नारायण सिंह राणा, मुन्ना राणा, पान सिंह राणा, इंदर सिंह नेगी, शूरवीर सिंह, कुंवर सिंह, धनीदास, दयाराम जोशी आदि मौजूद रहे।
ये हुए सम्मानित
सामाजिक कार्य करने के लिए कुंवर सिंह पंवार, ब्लॉक प्रमुख कालसी अर्जुन सिंह चौहान, ग्राम प्रधान रणवीर सिंह चौहान, पर्वतारोही अमला चौहान, बैटमिंटन खिलाड़ी आन्या चौहान और 26 जनवरी को राजपथ पर राज्य की झांकी प्रस्तुत करने वाले धुमसू मंच के सदस्य को सम्मानित किया गया।
घोषणा पर नहीं काम पर विश्वास
राज्य गठन के बाद पहली बार भाजपा के किसी मुख्यमंत्री के चकराता पहुंचने पर लोगों को खासा उम्मीदे थी। लेकिन मुख्यमंत्री के कोई घोषणा न करने से लोग निराश नजर आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह घोषणाओं पर नही काम पर विश्वास रखती हैं। उन्होंने महज जीआईसी पुरोड़ी में अगले शैक्षणिक सत्र से कक्षा छह से कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते एक साल में जनजातीय क्षेत्र के विकास के लिए आठ करोड़ की लागत से सड़क और पेयजल निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
रामताल गार्डन में उमड़ा जन सैलाब
वीर शहीद केसरी चंद के शहादत दिवस पर रामताल गार्डन में जन सैलाब उमड़ा पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने मेले का लुत्फ उठाया। कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक छटा बिखेरी। धुमसू मंच के कलाकारों ने हारुल की प्रस्तुति दी। लोक गायिका शांति वर्मा ‘तन्हा’ और सन्नी दयाल के गीतों पर लोग जमकर झूमे। नंदलाल भारती और उनकी टीम ने भी लोक नृत्य की मनमोहक छटा बिखेरी। कलाकारों ने जय महासू देवा, मोडे रे मोडाए, आऊं माता जांदी न साउरे, चौमासे की डांडी गीत पर नृत्य की प्रस्तुति दी। मेले में जौनसार बावर के साथ ही पछवादून, रंवाई, जौनपुर, देहरादून और हिमाचल से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
जीके में संदीप रहे प्रथम
मेले के दौरान जौनसार बावर शिक्षा समिति की ओर से सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें 144 छात्रों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में जीआईसी नागथात के संदीप चौहान ने बाजी मारी। एसजीआरआर इंटर कॉलेज के महावीर चौहान दूसरे और ऋतु चौहान तीसरे स्थान पर रही। विजेताओं को समिति ने पुरस्कार देर सम्मानित किया।
632 की स्वास्थ्य जांच
मेले के दौरान उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच की ओर से स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें 632 मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गई। इस मौके पर मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर भी मौजूद रहे।