श्रीनगर। अलकनंदा नदी में श्रीकोट से लेकर बागवान तक 16 किमी के दायरे में अलकनंदा किनारे अवैध खनन किया जा रहा है। इस दायरे में रीवर ट्रेनिंग (नदी की धारा मोड़ने के नाम पर) के तहत करीब आधा दर्जन खनन पट्टे स्वीकृत किए गए हैं। यहां खनन कारोबारी रास्ता बनाने के नाम पर मशीनों से नदी को खोद रहे हैं। स्थानीय निवासियों की ओर से शिकायत किए जाने के बावजूद भी प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।
शहर क्षेत्र में देर रात तक खनन सामग्री से भरे वाहन दौड़ रहे हैं। खनन कारोबारी मशीनों की सहायता से पानी के भीतर भी खनन कर रहे हैं। सुबह करीब 4 बजे से अलकनंदा किनारे मशीनों से खनन किया जा रहा है। यह सिलसिला देर रात तक जारी रहता है। स्थानीय निवासी महेश प्रसाद का कहना है, कि प्रशासन को कई बार अवैध खनन की शिकायत से अवगत कराया गया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। डीएम पौड़ी सुशील कुमार का कहना है कि सूर्योदय से पहले व सूर्यास्त के बाद खनन अवैध है। मशीन का प्रयोग केवल रास्ता बनाए जाने के लिए किया जा सकता है। इसके लिए अनुमति लेना आवश्यक है। अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।