ब्यूरो/अमर उजाला
ऋषिकेश।
यमकेश्वर क्षेत्र के नागरिकों ने प्राचीन नीलकंठ मंदिर के सुचारु संचालन के लिए श्राइन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर यमकेश्वर विधायक ऋतु खंडूड़ी का पुतला फूूंका। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में मंदिर की व्यवस्थाएं श्राइन बोर्ड के तहत संचालित करने की मांग को लेकर आंदोलन किया गया था, जिसे विधायक ने इस आश्वासन के साथ स्थगित कराया था कि वह विधानसभा में इसकी पैरवी करेंगी। मगर इस दिशा में उनके स्तर से कोई पहल नहीं की गई। इस दौरान लोगों की पुतला फूंकने से रोकने के लिए पुलिसकर्मियों से झड़प भी हुई।
बुधवार को दिउली में सामाजिक कार्यकर्ता क्रांति कपरुवाण के नेतृत्व में आक्रोशित नागरिकों ने यमकेश्वर विधायक खंडूड़ी के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुतला फूंका। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पूर्व में कई बार विधायक को ज्ञापन सौंपकर मांग की जा चुकी है, बावजूूद इसके विधायक द्वारा अब तक विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को एक बार भी नहीं उठाया गया। उन्होंने मांग है कि यदि किसी वजह से श्राइन बोर्ड के गठन में विलंब हो रहा है, तो तब तक निगरानी समिति का गठित कर मंदिर में व्यवस्थाओं का संचालन किया जाना चाहिए।
उन्होंने श्राइन बोर्ड का गठन कर मंदिर को सरकार की निगरानी में संचालित करने की मांग उठाई है। इस दौरान उन्हें उनकी पुलिसकर्मियों से झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों में समाजसेवी शोभाराम रतूड़ी, शांति प्रसाद भट्ट, वेद मारवाड़ी, सीपी भट्ट, रूपचंद जखमोला, महीपाल पयाल, राजपाल राणा, उपेंद्र पयाल, सुरेंद्र सजवाण, ध्यानपाल पयाल, निहाल नेगी, अजय शर्मा, राजेंद्र गौड़, सुभाष कपरुवाण, संजय शर्मा, संदीप कपरुवाण, राहुल पेटवाल, सुमित जुगलाण आदि शामिल थे।