ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
यूनाइटेड फोरम ऑफ रीजनल रूरल बैंक यूनियंस के आह्वान पर ग्रामीण बैंकों में सात सूत्री मांगों पर तीसरे दिन बुधवार को भी हड़ताल जारी रही। तीन दिन हड़ताल रहने से प्रदेश की 283 शाखाओं में करीब 300 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ।
उत्तराखंड ग्रामीण बैंक अधिकारी संगठन के पूर्व अध्यक्ष भुवनेंद्र बिष्ट ने बताया कि बैंक कर्मी प्राइवेटाइजेशन न लागू करने, पेंशन के मुद्दे, सरकारी शेयर न घटाने समेत सात सूत्री मांगों को लेकर तीन दिन से हड़ताल पर हैं। जिसके चलते तीन दिन में प्रदेश की 283 शाखाओं में करीब 300 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा। कहा कि सात सूत्री मांगों पर सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो सभी शाखाआें के कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर सड़कों पर उतरेगी। तीन दिवसीय हड़ताल बुधवार को खत्म हो गई। धर्मपुर में बैंक टावर में धरने पर कुलवंत रावत, प्रदीप गुप्ता, जय नकोटी, भगत सिंह, अनुराग मिश्रा, पंकज नरूला, विपिन डोभाल, विकास कुमार, महेंद्र असवाल, तरुण जैन आदि मौजूद रहे।